मुंबई। कांस फिल्म फेस्टिबल में भारतीय फिल्म सनफ्लावर वर दि फस्र्ट वन्स टू नो ने सबसे बेहतरीन शॉट स्टोरी के लिए ला सिनेफ का पहला पुरस्कार जीता है। 77वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में अब एक और खास पल को भारतीय ऑडियंस सेलिब्रेट कर रही है, क्योंकि एफटीआईआई की दूसरी बार किसी शॉर्ट फिल्म ने कान्स में पुरस्कार जीता है।
चिदानंद एस नाइक की फिल्म सनफ्लॉवर वेयर दि फस्र्ट वन्स टू ने सबसे बेहतरीन शॉट स्टोरी के लिए ला सिनेफ का पहला पुरस्कार जीता है, जो भारत के लिए एक बहुत बड़ी जीत है। अपनी फिल्म को कान्स फिल्म फेस्टिवल में मिले इस सम्मान की खुशी व्यक्त करते हुए चिदानंद ने कहा कि हमारे पास केवल चार दिन ही थे। मुझे ये कहा गया था कि मुझे ये फिल्म नहीं बनानी चाहिए। यह कर्नाटक की लोककथाओं पर आधारित फिल्म है। ये वो कहानियां हैं, जिन्हें सुनकर हम बड़े हुए है। मैं इस आइडिया को बचपन से ही अपने साथ लेकर चल रहा था। चिदानंद एस नाइक की फिल्म सनफ्लॉवर वेयर द फस्र्ट वन्स टू की कहानी कन्नड़ में रहने वाले लोगों की कहानियों पर आधारित है। फिल्म में एक बूढ़ी महिला के बारे में बताया गया है, जो एक मुर्गी चुरा लेती है और अपने पूरे गांव का भविष्य अंधकार में धकेल देती है।