नई दिल्ली: सचिन तेंदुलकर ने IPL और टी20 क्रिकेट में संतुलन लाने के लिए तीन नए नियम सुझाव के तौर पर दिए हैं। उन्होंने कहा है कि टी20 क्रिकेट में वैसे ही बल्लेबाजों का दबदबा है। अगर ये नए निमय लागू किए जाएं तो चीजें बैलेंस हो सकती हैं। BCCI ने मानी सचिन तेंदुलकर की बात तो कई गुना बढ़ जाएगा IPL का रोमांच, बस बदलने होंगे ये 3 नियम IPL में पिछले कुछ सीजन से बल्लेबाजों का दबदबा देखा जा रहा है। 200 रन बनाना एक टीम के लिए आम बात हो गई है। छोटे ग्राउंड, सपाट पिचें और गेंदबाजों पर तमाम तरह की पाबंदियां हैं। ऐसे में आईपीएल में एक बार फिर रोमांच का तड़का लगाने के लिए क्रिकेट के भगवान यानी सचिन तेंदुलकर ने बीसीसीआई को तीन नियम बदलने के सुझाव दिए हैं। अगर बीसीसीआई ने उनकी यह बात मानी तो आईपीएल का क्रेज चरम पर पहुंच सकता है। सचिन तेंदुलकर ने आईपीएल और टी20 क्रिकेट में संतुलन लाने के लिए 3 बदलावों की बात कही है। आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर रूल काफी समय है, लेकिन इस नियम को हटाने की वकालत सचिन तेंदुलकर ने की है। इसके अलावा भी दो नियम और सचिन तेंदुलकर ने सुझाव के तौर पर बताए हैं, जिससे क्रिकेट का ये खेल गेंद और बल्ले के बीच एक संतुलन वाला खेल बन जाएगा। अभी के लिए क्रिकेट, खासकर टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजों का दबदबा देखने को मिलता है।इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक लगाने वाले सचिन तेंदुलकर ने शनिवार को मुंबई में क्रिकइंफो अवॉर्ड्स के दौरान कहा, "इम्पैक्ट प्लेयर रूल को हट जाना चाहिए। यह मेरी निजी राय है। मुझे लगता है कि जब T20 फॉर्मेट में, आपको सिर्फ 20 ओवर खेलने होते हैं और फिर आप उस लाइनअप में एक और बैटर जोड़ रहे होते हैं जहां बॉलर्स को पहले से ही चैलेंज मिल रहा होता है। मुझे यह इम्बैलेंस लगता है।"
उन्होंने आगे कहा, "दूसरा, शायद यह सुझाव हो सकता है कि, छह ओवर का पावरप्ले, जिसमें फील्ड रिस्ट्रिक्शन हों, रिंग के बाहर सिर्फ दो फील्डर्स को ही अलाउड किया जाए। पहले चार ओवर बैटर के पावरप्ले के हों और फील्ड रिस्ट्रिक्शन भी वही हों और उसके बाद, बाकी दो पावरप्ले ओवर फील्डिंग कैप्टन को तय करने चाहिए जब वह लेना चाहे, लेकिन उन लगातार दो ओवरों में गेम के किसी भी स्टेज पर रिंग के बाहर एक एक्स्ट्रा फील्डर भी मिलेगा। ऐसे में आप गेम को बेहतर तरीके से कंट्रोल कर पाते हैं।" इसके बाद तीसरे नियम का जिक्र सचिन तेंदुलकर ने किया और कहा, "एक बॉलर को पांच ओवर बॉलिंग करने की अनुमति होनी चाहिए, क्योंकि हमेशा टीम का सबसे अच्छा बॉलर ही वह पांचवां ओवर डालेगा। क्या आप नहीं चाहेंगे कि वह सबसे अच्छा बॉलर और बॉल डाले? जैसे, आप जानते हैं, टॉप बैट्समैन कभी-कभी 20 ओवर तक भी बैटिंग करते हैं। सबसे अच्छा बॉलर पांच ओवर क्यों नहीं डालेगा?"
सचिन तेंदुलकर ने जिन तीन बदलावों के बारे में बात की है। उनमें पहला तो यही है कि इम्पैक्ट प्लेयर रूल हट जाना चाहिए, जिसमें एक अतिरिक्त बल्लेबाज को बल्लेबाजी की अनुमति होती है। दूसरा यह कि पावरप्ले को दो हिस्सों में बांट देना चाहिए, जिसमें 4 ओवर दो ही खिलाड़ी 30 गज के दायरे के बाहर हों और दो ओवर फील्डिंग कैप्टन ले, जिसमें तीन खिलाड़ी बाहर रखे जाएं। इसके अलावा एक गेंदबाज को 4 की बजाय 5 ओवर टी20 क्रिकेट में गेंदबाजी के लिए मिलने चाहिए।