श्रेयस अय्यर ‘युग’ का आगाज भारत के लिए निराशाजनक रहा। आईपीएल और डोमेस्टिक क्रिकेट में उनकी कप्तान और बल्ले से लाजवाब प्रदर्शन को देखने के बाद बीसीसीआई ने उन्हें टीम इंडिया की जिम्मेदारी सौंपी थी, जबकि वह 2023 से भारत के लिए कोई टी20 क्रिकेट नहीं खेले थे। मगर इंटरनेशनल मंच पर सरपंच साहब की कप्तानी का आगाज हार का साथ हुआ। यह हार भारत को इसलिए भी चुभेगी क्योंकि यह आयरलैंड जैसी छोटी टीम के खिलाफ आई। टी20 क्रिकेट के इतिहास में भारत की यह आयरलैंड के खिलाफ पहली हार है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ कप्तानी ही भारत को इस मैच में ले डूबी है, कई अन्य फैक्टर भी हैं।
आईए एक नजर डालते हैं टीम इंडिया की हार के कारणों पर-
51/4 था आयरलैंड फिर कैसे हुआ कमबैक
आयरलैंड के खराब मौसम और पिच के ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए भारत ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी थी, श्रेयस अय्यर का यह एक शानदार फैसला था। टीम इंडिया ने इसका फायदा भी उठाया। हर्षित राणा की कमाल की गेंदबाजी के साथ अर्शदीप सिंह और शिवम दुबे के योगदान के चलते भारत ने 7.1 ओवर में 51 के स्कोर पर आयरलैंड के 4 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखा दिया था।
इसके बाद कप्तान लोर्कन टकर (50) और गैरेथ डेलानी (49) ने कमाल की पारियां खेल टीम को संभाला और बड़े स्कोर की राह दिखाई।
आयरलैंड ने पांचवें विकेट के लिए 64 तो 6ठे विकेट के लिए 49 रनों की साझेदारी हुई, जिसने उन्हें 182 रनों के बड़े टोटल तक पहुंचाया। यहां भारतीय गेंदबाजी पूरी तरह एक्सपोज हुई।
गेंदबाजी में दिखा ढीलापन
8वें ओवर तक कमाल की गेंदबाजी करने के बाद भारतीय गेंदबाज ढीले पड़ गए। प्रसिद्ध कृष्णा ने अपने 4 ओवर के कोटे में कुल 57 रन खर्च किए। पहले ओवर में उन्होंने 16, दूसरे में 8, तीसरे में 8 और चौथे में 27 रन लुटाए। आखिरी ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा ने तीन छक्के और 2 चौके खाए।
इसके अलावा कप्तान श्रेयस अय्यर ने वॉशिंगटन सुंदर का भी बॉलिंग में अच्छे से इस्तेमाल नहीं किया। सुंदर को सिर्फ एक ही ओवर गेंदबाजी करने का मौका मिला, जिसमें उन्होंने 19 रन लुटाए।जबकि शिवम दुबे ने अपने तीन ओवर के कोटे में मात्र 18 रन खर्च कर एक विकेट चटकाया था।
सवाल यह है तेज गेंदबाजों के लिए मददगार पिच पर अगर दुबे अच्छी गेंदबाजी कर रहे थे तो उनके कोटे के ओवर पूरे क्यों नहीं हुए। क्यों सुंदर को एक ओवर कराया गया। सुंदर को गेंदबाजी का मौका भी 16वें ओवर में जाकर मिला।
16वें-17वें ओवर में पलटी बाजी
15 ओवर के बाद आयरलैंड का स्कोर 5 विकेट के नुकसान पर 118 रन था। उस समय ऐसा लग रहा था कि आयरिश टीम ज्यादा से ज्यादा 160 के टोटल तक पहुंच पाएगी। मगर अगले दो ओवर में उन्होंने कुछ ऐसा कमाल कर दिया कि आयरलैंड की गाड़ी 182 तक पहुंच गई।
वॉशिंगटन सुंदर ने 16वें ओवर से 19 रन खर्च किए, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा ने अगले 17वें ओवर में 27 रन लुटाए। इन दो ओवरों में आयरलैंड ने कुल 46 रन बनाए, जिससे दबाव भारत पर आने लगा।
3-3 कैच छोड़े
गेंदबाजी के साथ-साथ भारतीय फील्डिंग ने भी आयरलैंड के खिलाफ निराश किया। पहले टी20 में टीम इंडिया ने 3-3 कैच टपकाए, जिसमें से 2 कैच तो लोर्कन टकर और गैरेथ डेलानी के थे। अगर भारत यह दो ही कैच पकड़ लेता तो शायद स्कोर 150 के पार भी नहीं पहुंच पाता।
2.3 ओवर में अर्शदीप सिंह की गेंद पर शिवम दुबे ने टिम टेक्टर का कैच टपकाया और चौका दिया।
10.6 ओवर में अक्षर पटेल की गेंद पर अभिषेक शर्मा ने गैरेथ डेलानी का कैच छोड़ा, जब वह 8 रन पर थे।
12.1 ओवर में अक्षर पटेल की ही गेंद पर वॉशिंगटन सुंदर ने लोर्कन टकर मुश्किल कैच टपकाया। वह उस समय 27 के निजी स्कोर पर थे।
बल्लेबाजों ने किया बुरी तरह निराश
वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू रोक भारत ने वर्ल्ड कप विनिंग बल्लेबाजों पर भरोसा जताया और उनमें से किसी को ड्रॉप ना करने का फैसला किया। अभिषेक शर्मा ने तो 19 गेंदों पर फिफ्टी जड़ अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह से निभाई, लेकिन अन्य बल्लेबाजों ने निराश किया। ईशान किशन 1, श्रेयस अय्यर 3, तिलक वर्मा 19 और वॉशिंगटन सुंदर 9 रन बनाकर आउट हुए।
बर्थडे ब्वॉय शिवम दुबे ने जरूर 14 गेंदों पर 25 रन बनाए, मगर दूसरे छोर से उन्हें किसी का साथ नहीं मिला। आईपीएल के दौरान यह सभी बल्लेबाज शानदार फॉर्म में थे, मगर इंटरनेशनल मंच पर वह इसे दोहरा नहीं पाए।
भारतीय बल्लेबाजी ने आयरलैंड के खिलाफ बुरी तरह निराश किया।