तेहरान/यरूशलेम/वॉशिंगटन : 6 अप्रैल 2026 की सुबह दुनिया के लिए एक खौफनाक मंजर लेकर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान को दिए गए 'होर्मुज अल्टीमेटम' ने खाड़ी क्षेत्र में बारूद के ढेर में चिंगारी लगा दी है। ईरान ने इस धमकी को खारिज करते हुए इज़राइल के हाइफा शहर पर मिसाइल दाग दी है, जिसमें दो नागरिकों की मौत हो गई है। इस बीच ईरान और अमेरिका के बीच ईरान और अमेरिका के बीच 45 दिन के सीजफायर को लेकर बातचीत चल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर समझौता नहीं हुआ तो ईरान पर बड़े हमले किए जा सकते हैं, जिसकी तैयारी अमेरिका और इजराइल ने कर ली है। युद्ध की शुरुआत राष्ट्रपति ट्रम्प के उस कड़े बयान से हुई जिसमें उन्होंने ईरान को मंगलवार (कल) तक का समय दिया है। ट्रम्प ने दो टूक कहा:
"या तो तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तुरंत खोले, या फिर अपने पावर प्लांट्स और महत्वपूर्ण पुलों पर होने वाली भीषण बमबारी के लिए तैयार रहे।"
इस धमकी पर पलटवार करते हुए ईरान के पूर्व विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर ट्रम्प के व्यवहार को 'अभद्र और अश्लील' करार दिया। ज़रीफ़ ने सोशल मीडिया पर चेतावनी देते हुए लिखा:
"ईरान अपनी रक्षा करेगा। यह आक्रामकता एक युद्ध अपराध के साथ शुरू हुई है जिसमें हमारे स्कूली बच्चों को निशाना बनाया गया। ट्रम्प की यह नई धमकी अंतरराष्ट्रीय आपराधिक जिम्मेदारी का विषय है।"
ग्राउंड जीरो : हाइफा में मलबे में दबी जिंदगी
इज़राइल के तटीय शहर हाइफा में आज सुबह उस समय चीख-पुकार मच गई जब ईरान की एक मिसाइल सीधे एक रिहायशी इमारत पर जा गिरी।
नुकसान : इस हमले में 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। राहतकर्मी अभी भी मलबे में दबे 2 लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं।
मिसाइल इंटरसेप्शन : इज़राइली सेना ने दावा किया है कि उन्होंने दक्षिणी इज़राइल (बीयरशेबा) की ओर आ रही कई अन्य मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया है।
ईरान पर रातभर बरसे गोले : विश्वविद्यालयों को बनाया निशाना
बीती रात तेहरान के आसमान में केवल आग और धुआं नजर आया। अमेरिका और इज़राइल के साझा हवाई हमलों ने ईरान के बुनियादी ढांचे को झकझोर कर रख दिया है।
शरीफ यूनिवर्सिटी पर हमला : तेहरान की प्रतिष्ठित 'शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी' पर हुए हमले ने दुनिया को हैरान कर दिया है। पिछले कुछ हफ्तों में यह चौथा बड़ा विश्वविद्यालय है जिसे निशाना बनाया गया है।
मौत का तांडव : ताजा हमलों में अब तक 34 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। हृदयविदारक तथ्य यह है कि तेहरान के बाहरी इलाके बहारेस्तान में मारे गए 13 लोगों में 6 मासूम बच्चे शामिल हैं।
क्षेत्रीय विस्तार : लेबनान से यूएई तक फैला युद्ध
यह जंग अब केवल दो देशों के बीच नहीं रही, बल्कि पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले रही है:
लेबनान : दक्षिण लेबनान के कफ़र रुम्मान में इज़राइली ड्रोन ने एक कार को निशाना बनाया, जिसमें 4 लोग जिंदा जल गए।
इराक : सुलेमानियाह के आसमान में ड्रोनों का शोर सुना गया, जहाँ ईरानी विद्रोही समूहों के ठिकानों पर हमले किए गए हैं।
खाड़ी देश : ईरान से लॉन्च किए गए एक ड्रोन ने यूएई (फुजैराह) में एक टेलीकॉम कंपनी की इमारत को निशाना बनाया, जबकि सऊदी अरब ने अपनी सीमा में घुस रहे 2 ड्रोनों को मार गिराने का दावा किया है।
क्या कल शुरू होगा महायुद्ध?
मंगलवार की डेडलाइन जैसे-जैसे करीब आ रही है, वैश्विक तेल बाजार और कूटनीतिक गलियारों में सन्नाटा पसरा है। यदि ईरान होर्मुज के रास्ते नहीं खोलता है, तो अमेरिकी 'रेड्स' (Raids) का खतरा हकीकत बन जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जवाद ज़रीफ़ का बयान और हाइफा पर हुआ हमला यह संकेत है कि ईरान झुकने के बजाय 'आर-पार' की लड़ाई के मूड में है।