काबुल : अफगानिस्तान में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। स्थानीय मीडिया ने रविवार को आपदा प्रबंधन अधिकारियों के हवाले से बताया कि 26 मार्च से 4 अप्रैल के बीच अफगानिस्तान के कई प्रांतों में आई बाढ़ में कम से कम 77 लोग मारे गए और 137 अन्य घायल हुए हैं। न्यूज एजेंसी खामा प्रेस के अनुसार, अफगानिस्तान राष्ट्रीय आपदा तैयारी एवं आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा कि बाढ़ से बहुत ज्यादा तबाही हुई है, सैकड़ों घर तबाह हो गए हैं और हजारों एकड़ खेती की जमीन को नुकसान पहुंचा है। अफगानिस्तान के कई हिस्सों में चार लोग अभी लापता हैं और 3,400 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों ने कहा कि अफगानिस्तान के कई प्रांतों में सड़कें ब्लॉक हो गईं और ट्रांसपोर्टेशन लिंक में रुकावट आई। इससे रेस्क्यू ऑपरेशन पर असर पड़ा और दूर-दराज के इलाकों में प्रभावित लोगों तक पहुंचना मुश्किल हो गया।
इससे पहले, तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि खराब मौसम की वजह से 3,000 से ज्यादा 'जेरिब' (जमीन नापने का एक पारंपरिक तरीका) खेती की जमीन बर्बाद हो गई। इसके अलावा 1,000 से ज्यादा जानवर मारे गए।
अफगानिस्तान में पिछली बार भी भारी बारिश ने तबाही मचाई थी। 2024 में भी ऐसी ही बाढ़ में सैकड़ों लोग मारे गए थे और घर और खेती की जमीनें तबाह हो गई थीं। 22 जनवरी को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रवक्ता ने कहा कि कई प्रांतों में भारी बर्फबारी और बारिश के बीच कम से कम 11 लोग मारे गए हैं और तीन अन्य घायल हो गए हैं।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि अधिकारियों की शुरुआती रिपोर्ट से पता चला है कि खराब मौसम ने पूर्वी परवान, वरदक, दक्षिणी कंधार, उत्तरी जौजजान, फरयाब और मध्य बामियान प्रांतों के लोगों पर असर डाला है।
प्रवक्ता ने कहा कि तूफान ने नौ घरों को थोड़ा नुकसान पहुंचाया और 530 जानवरों की जान चली गई है। इसकी वजह से इन खेती वाले इलाकों में स्थानीय रोजगार पर बहुत बुरा असर पड़ा है।
उन्होंने यह भी कहा कि बर्फ जमा होने से खास सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे अधिकारियों को कनेक्टिविटी ठीक करने और मदद पहुंचाने के लिए तुरंत बर्फ हटाने का काम शुरू करना पड़ा।