चंडीगढ़ : राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB), फरीदाबाद ने भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी ईएसआई होशियार सिंह, इंचार्ज ईआरवी-502, थाना चांदहट, जिला पलवल के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 13(1)(बी) सहपठित 13(2) तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2) के तहत चालान अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश तैय्यब हुसैन की अदालत में पेश किया गया है।
4 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप
मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता हरियाणा पुलिस विभाग का बर्खास्त कर्मचारी है। उसके खिलाफ थाना कैंप पलवल में अभियोग संख्या 17/2023 दर्ज किया गया था। अनुसंधान के दौरान नामजद आरोपियों के फर्द-ए-इंकशाफ के आधार पर शिकायतकर्ता का नाम भी मामले में जोड़ा गया था। उसकी गिरफ्तारी हुई थी और वर्तमान में वह न्यायालय से जमानत पर है। इसी अभियोग के संबंध में विभाग की ओर से उसे बर्खास्त भी किया गया था।
शिकायतकर्ता ने SV&ACB, फरीदाबाद को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उक्त अभियोग में फैसला कराने के नाम पर ईएसआई होशियार सिंह ने उससे 4 लाख रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायत के अनुसार, सौदा 4 लाख रुपये में तय हुआ, जिसमें 2 लाख रुपये तत्काल और शेष 2 लाख रुपये फैसला होने के बाद देने की बात कही गई।
2 लाख रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
शिकायत के आधार पर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, फरीदाबाद की टीम ने 7 जुलाई 2026 को ट्रैप कार्रवाई की। ब्यूरो के अनुसार, कार्रवाई के दौरान आरोपी ईएसआई होशियार सिंह को शिकायतकर्ता से 2 लाख रुपये रिश्वत की मांग करने और स्वीकार करने के आरोप में रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। मौके से रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई।
इस संबंध में थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, फरीदाबाद में अभियोग संख्या 15, दिनांक 7 जुलाई 2026, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
3 सितंबर को न्यायालय में दाखिल की चार्जशीट
जांच पूरी होने के बाद राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, फरीदाबाद ने 3 सितंबर 2026 को आरोपी ईएसआई होशियार सिंह के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की। आरोपी वर्तमान में जिला जेल नीमका, फरीदाबाद में न्यायिक हिरासत में बंद है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। रिश्वतखोरी में संलिप्त पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।