Friday, October 02, 2026
BREAKING
• 3-4 अक्टूबर को हमीरपुर प्रवास पर रहेंगे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अटल सुरंग के दौरे से पहले नैना देवी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी • हरियाणा के जीएसटी राजस्व में सितंबर माह में 14 प्रतिशत की वृद्धि • अमित शाह जो कहते हैं, उसे पूरा करते हैं; पंजाब से खत्म होगा नशा : सतीश पुनिया • पिहोवा शहर की आंतरिक सड़क के सुधार को सरकार ने दी मंजूरी, लोगों को मिलेगी सुगम आवागमन की सुविधा : रणबीर गंगवा • श्रीमद् भागवत कथा आत्मा के परम कल्याण और जीवन को सही दिशा देने की पवित्र यात्रा : नायब सिंह सैनी • प्रधानमंत्री मोदी 3 अक्टूबर को दिल्ली में हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी और भाजपा विधायकों से करेंगे मुलाकात • 9 हजार रुपये रिश्वत लेते डायल-112 पर तैनात दो पुलिसकर्मी गिरफ्तार • डेराबस्सी में खनन विभाग और प्रशासन की अवैध खनन के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई तेज • ए आई एम एस मोहाली द्वारा सनेटा स्थित ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र में ‘पोषण मेला-2026’ का आयोजन

धर्म

2 मार्च का पंचांग: सोमवार को अभिजित मुहूर्त और रवि योग के साथ भद्रा की छाया, जानें शुभ-अशुभ समय

01 मार्च, 2026 01:54 PM

नई दिल्ली सनातन धर्म में पंचांग का बहुत महत्व है। यह न केवल सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त का समय बताता है, बल्कि दिन के शुभ और अशुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी भी देता है। 2 मार्च को देवाधिदेव महादेव को समर्पित सोमवार और शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है, जिसमें अभिजित मुहूर्त और रवि योग जैसे शुभ संयोग हैं, लेकिन भद्रा की छाया और कुछ अशुभ योग भी मौजूद रहेंगे।

सूर्योदय 6 बजकर 45 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 6 बजकर 21 मिनट पर होगा। शुक्ल चतुर्दशी तिथि शाम 5 बजकर 55 मिनट तक रहेगी, इसके बाद पूर्णिमा शुरू होगी। हालांकि, उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन चतु्र्दशी रहेगी। नक्षत्र अश्लेषा सुबह 7 बजकर 51 मिनट तक रहेगा, फिर मघा नक्षत्र शुरू होगा। योग अतिगंड दोपहर 12 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। करण वणिज शाम 5 बजकर 55 मिनट तक और विष्टि अगले दिन सुबह 5 बजकर 28 मिनट तक रहेगा।

रवि योग और अभिजित मुहूर्त में नए कार्य, पूजा-पाठ या शुभ कार्य शुरू करना उत्तम रहता है। राहुकाल, यमगंड और भद्रा के समय महत्वपूर्ण काम को टालने या न करने की सलाह देते हैं। पंचांग के अनुसार दिन की शुरुआत शुभ संयोगों के साथ हो रही है, लेकिन अशुभ काल का ध्यान रखना जरूरी है।

शुभ मुहूर्त की बात करें तो सोमवार को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 6 मिनट से 5 बजकर 56 मिनट तक अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 10 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक है। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 29 मिनट से 3 बजकर 16 मिनट तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 19 मिनट से 6 बजकर 44 मिनट तक है। वहीं, रवि योग सुबह 6 बजकर 45 मिनट से 7 बजकर 51 मिनट तक है। यह योग विशेष शुभ फलदायी होता है।

2 मार्च के अशुभ समय की बात करें तो दृक पंचांग के अनुसार, राहुकाल सुबह 8 बजकर 12 मिनट से 9 बजकर 39 मिनट तक है। यमगंड सुबह 11 बजकर 6 बजे से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक है। गुलिक काल दोपहर 2 बजे से 3 बजकर 27 मिनट तक और दुर्मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 57 मिनट से 1 बजकर 43 मिनट तक है। भद्रा शाम 5 बजकर 55 मिनट से अगले दिन सुबह 5 बजकर 28 बजे तक भद्रा की छाया इस दिन रहेगी। वहीं, गंड मूल पूरे दिन प्रभावी रहेगा।

Have something to say? Post your comment

और धर्म खबरें

पितृ पक्ष में कुरुक्षेत्र के इन तीर्थों पर करें पितरों का तर्पण, जानें पेहोवा और सन्निहित सरोवर का महत्व

पितृ पक्ष में कुरुक्षेत्र के इन तीर्थों पर करें पितरों का तर्पण, जानें पेहोवा और सन्निहित सरोवर का महत्व

विश्वकर्मा पूजा : सृजन, श्रम और कौशल के सम्मान से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता भारत

विश्वकर्मा पूजा : सृजन, श्रम और कौशल के सम्मान से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता भारत

मिथिला के चौरचन से गणेशोत्सव तक, भाद्रपद में दिखेगा भारतीय परंपराओं का विविध रंग

मिथिला के चौरचन से गणेशोत्सव तक, भाद्रपद में दिखेगा भारतीय परंपराओं का विविध रंग

जैसलमेर के रामदेवरा में बाबा रामदेवजी के 642वें मेले का शुभारंभ, देशभर से उमड़े श्रद्धालु

जैसलमेर के रामदेवरा में बाबा रामदेवजी के 642वें मेले का शुभारंभ, देशभर से उमड़े श्रद्धालु

'जय कन्हैया लाल की' : मथुरा, दिल्ली से लेकर नोएडा तक उत्सव, कृष्ण के जन्म पर हर तरफ उल्लास

'जय कन्हैया लाल की' : मथुरा, दिल्ली से लेकर नोएडा तक उत्सव, कृष्ण के जन्म पर हर तरफ उल्लास

‘जय कन्हैया लाल की’ : मथुरा, दिल्ली से लेकर नोएडा तक उत्सव, कृष्ण के जन्म पर हर तरफ उल्लास

‘जय कन्हैया लाल की’ : मथुरा, दिल्ली से लेकर नोएडा तक उत्सव, कृष्ण के जन्म पर हर तरफ उल्लास

कृष्ण-सुदामा : मित्रता, करुणा और निष्काम प्रेम की अलौकिक गाथा

कृष्ण-सुदामा : मित्रता, करुणा और निष्काम प्रेम की अलौकिक गाथा

कृष्ण जन्माष्टमी : आस्था, कर्मयोग और धर्म का संदेश देता है भगवान कृष्ण का जीवन

कृष्ण जन्माष्टमी : आस्था, कर्मयोग और धर्म का संदेश देता है भगवान कृष्ण का जीवन

सावन पूर्णिमा पर अयोध्या में उमड़ा आस्था का सैलाब, सरयू में श्रद्धालुओं ने लगाई पवित्र डुबकी

सावन पूर्णिमा पर अयोध्या में उमड़ा आस्था का सैलाब, सरयू में श्रद्धालुओं ने लगाई पवित्र डुबकी

नाग पंचमी पर खुले भगवान नागचंद्रेश्वर के पट; भोर में 2:30 बजे खुले बाबा महाकाल के कपाट, बड़ी संख्या में उमड़े श्रद्धालु

नाग पंचमी पर खुले भगवान नागचंद्रेश्वर के पट; भोर में 2:30 बजे खुले बाबा महाकाल के कपाट, बड़ी संख्या में उमड़े श्रद्धालु