हरियाणा में खेल गतिविधियों को अधिक संगठित, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने खेलों के लिए एकीकृत डिजिटल मंच तैयार करने का निर्णय लिया है। इसके तहत राज्य खेल पोर्टल स्थापित किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के खेल ढांचे, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, प्रतियोगिताओं और उपलब्धियों से संबंधित जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध होगी। यह निर्णय मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य खेल प्रशासनिक समिति की पहली बैठक में लिया गया। बैठक में प्रदेश में उपलब्ध खेल सुविधाओं के अधिकतम उपयोग, खेल प्रतिभाओं की पहचान एवं विकास तथा खेल गतिविधियों के बेहतर समन्वय को लेकर व्यापक चर्चा की गई।
खेल सुविधाओं की होगी व्यापक मैपिंग
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने राज्यभर में उपलब्ध खेल सुविधाओं की व्यापक मैपिंग करने पर जोर दिया। इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम पंचायतों, शहरी स्थानीय निकायों, विश्वविद्यालयों और विभिन्न विभागों के अधीन उपलब्ध खेल मैदानों एवं अन्य सुविधाओं का डेटा तैयार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मौजूदा खेल सुविधाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। संस्थागत समय के बाद स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों और शहरी निकायों की खेल सुविधाएं मान्यता प्राप्त खिलाड़ियों और खेल क्लबों के लिए उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
एक मंच पर मिलेगी खेलों से जुड़ी जानकारी
खेल पोर्टल पर खेल परिसंपत्तियों, प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण शिविरों, प्रशिक्षकों, खेल उपकरणों, खिलाड़ियों और उनकी उपलब्धियों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। सभी संबंधित विभागों, बोर्डों और निगमों को नोडल अधिकारी नामित कर पोर्टल पर नियमित रूप से डेटा अपडेट करने के निर्देश दिए जाएंगे।
खेल सुविधाओं की मैपिंग से उन क्षेत्रों और जिलों की पहचान भी की जा सकेगी, जहां खेल संसाधनों की कमी है। इसके आधार पर भविष्य में खेल बुनियादी ढांचे के विकास की योजनाएं अधिक वैज्ञानिक और आवश्यकता आधारित तरीके से तैयार की जा सकेंगी।
साझा खेल कैलेंडर और टैलेंट पाथवे
बैठक में प्रदेश के लिए साझा राज्य खेल कैलेंडर तैयार करने का भी निर्णय लिया गया। इससे विभिन्न विभागों और संस्थाओं द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं की तारीखों में टकराव कम होगा तथा खिलाड़ियों और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।
इसके साथ ही जमीनी स्तर से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए टैलेंट-पाथवे फ्रेमवर्क विकसित किया जाएगा। स्कूल और पंचायत स्तर से प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें जिला एवं राज्य स्तर के प्रशिक्षण केंद्रों से जोड़ा जाएगा।
खिलाड़ियों को प्रशिक्षण से लेकर पोषण तक मिलेगी सहायता
राज्य खेल पोर्टल के माध्यम से खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति, पुरस्कार, खेल उपकरण, पोषण, परिवहन और अन्य सहायता से संबंधित व्यवस्थाओं में भी बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। खेल परिसरों में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए मैदान, स्टेडियम, स्विमिंग पूल, जिम, फ्लडलाइट, दर्शक दीर्घा और खेल उपकरणों की नियमित सुरक्षा जांच सुनिश्चित की जाएगी।
महिला खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित खेल सुविधाओं, महिला प्रशिक्षकों और बेहतर आवास एवं परिवहन व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए बाधारहित खेल सुविधाएं और अनुकूलित उपकरण उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
दो स्तरों पर होगी खेल प्रशासन की निगरानी
खेल प्रशासन को प्रभावी बनाने के लिए दो स्तरीय व्यवस्था विकसित की जाएगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य खेल प्रशासनिक समिति नीति निर्माण और रणनीतिक निगरानी का कार्य करेगी, जबकि राज्य खेल कार्यकारी समिति योजनाओं के क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी संभालेगी।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास एवं पंचायत विजयेंद्र कुमार, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया, महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव शेखर विद्यार्थी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।