कलायत : हरियाणा में अब आवारा कुत्ते गलियों सड़कों व अन्य स्थानों पर नागरिकों को शिकार नहीं बना पाएंगे। भारत सरकार ने स्पैशल असिस्टेंस टू स्टेटस फॉर कैपिटल इन्वैस्टमैंट 2026-27 योजना के तहत पशुधन क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए ठोस कदम उठाया है। इसके तहत प्रदेश में 1 अप्रैल से 30 सितम्बर, 2026 के बीच 58,000 आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण किया जाना है। इस कार्य में शहरी स्थानीय निकाय विभाग, पशुपालन विभाग और पंचायत विभाग की महत्त्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है। इस संबंध में पशुपालन एवं डेयरी विभाग हरियाणा महानिदेशक कार्यालय ने पत्र जारी किया है। पत्र में देश के सभी राज्यों को प्रोत्साहन राशि उनके प्रदर्शन और निर्धारित मानकों की पूर्ति के आधार पर प्रदान की जाएगी।
इसके लिए देशभर में 3000 करोड़ के बजट का प्रावधान रखा गया है। योजना की स्कोरिंग प्रणाली के अनुसार लक्ष्य का 70 प्रतिशत से कम कार्य होने पर कोई अंक नहीं मिलेगा। 70 से 80 प्रतिशत तक लक्ष्य पूरा करने पर 5 अंक और 90 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि पर 10 अंक मिलेंगे। इसके मद्देनजर हरियाणा सरकार ने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं ताकि हरियाणा अधिकतम प्रोत्साहन सहायता प्राप्त कर सके। पशुपालन विभाग ने संबंधित अधिकारियों से इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्य हासिल करने का आग्रह किया है।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा में लगातार आवारा कुत्तों द्वारा नागरिकों पर हमला करते हुए बड़ी दर्दनाक घटनाओं को अंजाम देने के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। इस स्थिति को सरकार ने गंभीरता से लिया है, परिणामस्वरूप निर्धारित समयावधि में आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए नसबंदी व टीकाकरण का कार्यक्रम तय करना पड़ा है।
पशु जन्म नियंत्रण नियम 2023 के अनुसार चलाया जाएगा अभियान
कलायत नगरपालिका सचिव पवन कुमार के अनुसार महानिदेशक पशुपालन एवं डेयरी विभाग हरियाणा द्वारा आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत शहरी स्थानीय निकाय हरियाणा, विकास एवं पंचायत विभाग, राज्य के सभी जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी और सभी जिला आयुक्त/अध्यक्ष, नगर निगम और नगरपालिकाओं को पत्र जारी किया गया है। इसमें पशु जन्म नियंत्रण नियम-2023 के अनुसार आवारा कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण करने के निर्देश हैं।