हरियाणा सरकार प्रदेश भर में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य सरकार ने चंडीगढ़ स्थित एमएलए हॉस्टल की डिस्पेंसरी के साथ-साथ अंबाला शहर और करनाल जिले के नागरिक अस्पतालों के लिए नई अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीनें खरीदने की मंजूरी प्रदान की है।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों को समय पर और सटीक जांच की सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें इलाज और डायग्नोसिस के लिए महंगे निजी सेंटरों पर निर्भर न रहना पड़े। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इस निर्णय की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि चंडीगढ़ के सेक्टर-3 स्थित एमएलए हॉस्टल की डिस्पेंसरी में चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक उच्च श्रेणी की अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित की जाएगी। इस मशीन की खरीद और इसे पूरी तरह से चालू करने पर लगभग 81 लाख रुपये की लागत आएगी। एमएलए हॉस्टल की यह डिस्पेंसरी इसलिए भी खास है क्योंकि यहाँ प्रदेश के मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, विधायक और उनके परिजनों के अलावा चंडीगढ़ में कार्यरत हरियाणा सरकार के हजारों कर्मचारी अपना इलाज करवाते हैं। डिस्पेंसरी में नई तकनीक से लैस मशीन लगने से इन सभी को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य जांच की सुविधा अपने परिसर में ही मिल जाएगी। वीआईपी व्यवस्था के साथ-साथ आम जनमानस को राहत देने के लिए सरकार ने अंबाला शहर और करनाल जिला के नागरिक अस्पतालों में भी नई अल्ट्रासाउंड मशीनें लगाने की स्वीकृति दी है। इन दोनों प्रमुख जिला अस्पतालों में हर रोज बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, जिनमें गर्भवती महिलाएं और विभिन्न बीमारियों से पीड़ित लोग शामिल हैं। अक्सर सीमित संसाधनों के कारण सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को लंबी वेटिंग लिस्ट झेलनी पड़ती थी।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के अनुसार, जल्द ही इन दोनों स्थानों पर मशीनें स्थापित कर दी जाएंगी, जिससे स्थानीय और आसपास के ग्रामीण इलाकों से आने वाले हजारों लोगों को समय पर जांच की सुविधा मिलेगी और उनका आर्थिक बोझ भी कम होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य ध्येय प्रदेश के हर सरकारी अस्पताल को आधुनिक उपकरणों से लैस कर अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना प्राथमिकता है।