चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को हरियाणा निवास में मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों (CMGGA) तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, एचआरडी, जल प्रबंधन, नई शिक्षा नीति तथा आयुष्मान भारत योजना सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने जनसेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं तकनीक आधारित बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा, मुख्यमंत्री के ओएसडी राजेश संधू, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी (CMGGA) तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मुख्यमंत्री के उप-प्रधान सचिव यशपाल यादव ने विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं समीक्षा बैठक के एजेंडे से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। उन्होंने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, एचआरडी, जल प्रबंधन, नई शिक्षा नीति तथा आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अब तक हुई प्रगति, लंबित कार्यों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की, जिस पर मुख्यमंत्री ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
स्वच्छता व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जिन स्थानों पर लोगों का अधिक आवागमन रहता है, वहां विशेष रूप से साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक घर से नियमित रूप से कचरे का संग्रहण हो तथा कहीं भी गंदगी के ढेर न लगने दिए जाएं। सड़कों की नियमित सफाई के साथ-साथ उनके किनारों पर वन विभाग द्वारा फूलदार एवं आकर्षक पौधों का रोपण कराया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि कचरा संग्रहण करने वाले सभी वाहनों को जीपीएस प्रणाली से जोड़ा जाए, ताकि उनकी नियमित निगरानी की जा सके। वाहनों में आधुनिक तकनीकों का उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा उनकी कार्यक्षमता को और बेहतर बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निकायों में वार्ड समितियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक तीन माह में वार्ड समितियों के साथ बैठक आयोजित की जाए तथा समय-समय पर उनके साथ वर्चुअल संवाद भी किया जाए। उन्होंने वार्ड समितियों के लिए एक समर्पित पोर्टल विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि समिति के सदस्य एवं नागरिक अपनी समस्याएं एवं सुझाव सीधे साझा कर सकें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगर निगम आयुक्त त्रैमासिक आधार पर शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) की स्वच्छता एवं कार्यप्रणाली की रैंकिंग करें। प्रत्येक नगर निगम अपने वार्डों की भी रैंकिंग तैयार करे तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले वार्डों को सम्मानित किया जाए। उन्होंने नगर निगमों एवं नगरपालिकाओं को स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई आवश्यकताओं एवं आधुनिक तकनीकों के अनुरूप ही स्वच्छता कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाए। उन्होंने 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले स्वच्छता पखवाड़े की तैयारियां अभी से शुरू करने तथा इसका विस्तृत कैलेंडर जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर को उत्कृष्ट कार्य करने वाले वार्डों को सम्मानित किया जाए। साथ ही, उत्कृष्ट कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों को भी पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया जाए।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि बरसात के मौसम को देखते हुए शहरी स्थानीय निकायों के अंतर्गत आने वाले सभी बड़े नालों, नालियों एवं ड्रेनों की व्यापक सफाई 30 जून तक हर हाल में पूरी की जाए। गलियों की नालियों की नियमित सफाई कर उनमें आवश्यकतानुसार चूने का छिड़काव भी किया जाए, ताकि जलभराव एवं संक्रमण की स्थिति उत्पन्न न हो।
ई-ऑफिस प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश
एचआरडी विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के मुख्यालयों एवं जिला स्तर के कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी प्रत्येक माह अपने कार्यों का विवरण अनिवार्य रूप से ऑनलाइन एचआरएमएस पोर्टल पर दर्ज करें। वरिष्ठ अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक माह सभी अधिकारी एवं कर्मचारी समय पर अपना विवरण पोर्टल पर दर्ज करें।