चंडीगढ़ : पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के फ्रांस दौरे के लिए राजनीतिक मंजूरी रद्द करने को लेकर दायर याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। यह याचिका पंजाब सरकार ने दायर की है। गौरतलब है कि विदेश मंत्रालय (एमईए) ने मुख्यमंत्री के दौरे के लिए ऑनलाइन आवेदन को पोर्टल पर बिना कोई विशेष कारण बताए खारिज कर दिया था। यह प्रतिनिधिमंडल जिसमें मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा और प्रधान सचिव रवि भगत भी शामिल थे, 15 से 21 अक्टूबर तक पेरिस में आयोजित होने वाले एक अंतरराष्ट्रीय फूड मेले में शामिल होने वाला था। इसका उद्देश्य मार्कफेड उत्पादों को वैश्विक स्तर पर प्रचारित करना और किसानों के लिए व्यापार के अवसर तलाशना था।
पंजाब सरकार ने तर्क दिया है कि दौरे की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, खर्च मार्कफेड द्वारा वहन किया जाना था, एपीडा (एग्रिकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी) ने पहले ही स्टॉल आवंटित कर दिया था और केंद्र सरकार का इनकार संघीय ढांचे का उल्लंघन है।
हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद अब केंद्र सरकार को अपना जवाब दाखिल करना होगा और अगली सुनवाई में बहस फिर से शुरू होगी। बता दें कि पंजाब सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल फ्रांस और इटली के दौरे पर जाने वाला था, जिसमें 15 अक्टूबर को फ्रांस के लिए रवाना होना था।
पंजाब सरकार का आरोप है कि केंद्र सरकार के पोर्टल पर आवेदन को बिना कोई कारण बताए सिर्फ 'अस्वीकृत' दिखा दिया गया। इससे पहले जुलाई 2024 में भी पेरिस ओलंपिक के दौरान भारतीय हॉकी टीम का समर्थन करने के लिए फ्रांस जाने की उनकी योजना को केंद्र सरकार ने मंजूरी नहीं दी थी।