सिद्धू मूसेवाला केस पर बात करते हुए पंजाबी सिंगर और बॉलीवुड एक्टर दिलसीत दोसांझ का पारा चढ़ गया है। उन्होंने कहा है कि सिद्धू मूसेवाला के साथ जो घटना हुई है वो सीधे तौर पर सरकार की विफलता है। दिलजीत का कहना है कि जो भी हुआ वो पॉलिटिक्स है और पॉलिटिक्स बड़ी गंदी चीज है। दिलजीत ने कहा है कि जिसका बेटा मर जाता है उसके मां-बाप पर क्या बीतती होगी इसकी कल्पना करनी भी मुश्किल है साथ ही ये भी कहा है कि ऐसी ट्रेजेडी दोबारा किसी के साथ न हो।
पॉलिटिक्स बहुत गंदी चीज होती है-दिलजीत
दिलजीत दोसांझ ने हाल ही में सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले पर खुलकर बात की है। उन्होंने इस दौरान सरकार को आड़े हाथ लेते हुए् कहा- "ये 100% सरकार की नालायकी है। ये पॉलिटिक्स है और पॉलिटिक्स बहुत गंदी है। हम किसी को मारने के लिए पैदा नहीं हुए हैं लेकिन ये सब शुरू से होते आया है। कलाकारों को पहले भी मारा गया है, मुझे भी शुरुआत में काफी समस्याएं आती थी। लोगों को लगने लगता है कि ये इंसान इतना आगे क्यों बढ़ रहा है लेकिन इन सब में किसी की जान ले लेना सही नहीं है। ये सब सरकार की गलती है।"
बच्चा मर जाए तो मां-बाप पर क्या बीतती होगी
दिलजीत ने आगे कहा- "सभी मेहनत करके आगे बढ़ते हैं, मैं अपने अनुभव के आधार पर कह सकता हूं कि एक कलाकार कभी किसी के साथ गलत नहीं कर सकता। मुझे ये सब बातें समझ नहीं आती। दो लोगों के बीच में क्या ही मसला हो सकता है। कोई किसी को क्यों मारना चाहेगा। ये बहुत दुखी करने वाली बात है। सोचो किसी का सिर्फ एक बच्चा हो और वो मर जाए तो उसके मां-बाप पर क्या बीतती होगी। हम इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते हैं।"
हत्या के एक दिन पहले सरकार ने वापस ले ली थी सुरक्षा
सिद्धू मूसेवाला उन 424 लोगों में शामिल थे जिनकी सिक्योरिटी को पंजाब सरकार द्वारा वापस ले लिया गया था। सिक्योरिटी छिनने के एक दिन बाद ही 29 मई को मानसा के एक गांव में गोली मारकर मूसेवाला की हत्या हो गई थी। इसलिए इसमें राजनीति की भी आशंका जताई गई थी। मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मेंबर गोल्डी बराड़ ने ली थी। अभी हाल ही में गोल्डी बराड़ को अमेरिका के कैलिफोर्निया से हिरासत में लिया गया है।
दिलजीत के रिसेंट प्रोजेक्ट
बात दिलजीत के वर्कफ्रंट की करें तो वो उन्हें आखिरी बार नेटफ्लिक्स पर आई फिल्म 'जोगी' में देखा गया था, जो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की मृत्यु के बाद दिल्ली में सिख समुदाय के दर्द पर बेस्ड थी। इसके अलावा वो कुछ पंजाबी फिल्मों में भी नजर आए थे। डू यू नो गाने से दिलजीत दोसांझ को काफी ज्यादा लोकप्रियता मिली थी।