चंडीगढ़ : हरियाणा विधान सभा की ओर से 2 नवंबर को पंचकूला स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में आयोजित होने वाला जनप्रतिनिधि सम्मेलन संवैधानिक मूल्यों, हरियाणा की विकास यात्रा और विकसित हरियाणा के लक्ष्य को हासिल करने में जनभागीदारी की भूमिका पर व्यापक विचार-विमर्श का मंच बनेगा।
विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा है कि सम्मेलन में इस बात पर विशेष मंथन होगा कि संवैधानिक मूल्यों के प्रति नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में जनप्रतिनिधि किस प्रकार प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। सम्मेलन में कई प्रमुख हस्तियां अपने विचार रखेंगी, जबकि 31 विधायकों और पूर्व विधायकों ने भी विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करने की इच्छा जताई है।
सम्मेलन का शुभारंभ सोमवार सुबह 10 बजे लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला को गार्ड ऑफ ऑनर देने के साथ होगा। इसके बाद जनप्रतिनिधियों का सामूहिक छायाचित्र लिया जाएगा। सम्मेलन का पहला सत्र सुबह 10:25 बजे शुरू होगा। हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण स्वागत भाषण के साथ सत्र का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद क्रमश: नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला अपने विचार रखेंगे।
सत्र के अंत में संसदीय कार्य मंत्री महीपाल ढांडा धन्यवाद ज्ञापित करेंगे। दोपहर भोज के बाद दूसरा सत्र दोपहर 1:25 बजे शुरू होगा। इस सत्र में वर्तमान और पूर्व विधायक ‘हरियाणा की प्रगति का गौरवमयी सफर तथा विकसित हरियाणा के लक्ष्य हेतु जनभागीदारी व नागरिकों में संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में जनप्रतिनिधियों की भूमिका’ विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
इस सत्र में हरियाणा की विकास यात्रा के विभिन्न पहलुओं के साथ-साथ प्रदेश को विकास के नए आयामों तक पहुंचाने में जनसहभागिता, नागरिक कर्तव्यों और संवैधानिक मूल्यों की भूमिका पर चर्चा होगी। सम्मेलन का समापन सत्र शाम 5 बजे शुरू होगा। इस सत्र में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष मुख्य भाषण देंगे। इससे पहले क्रमश: विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अपने विचार रखेंगे।
विधान सभा उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा धन्यवाद ज्ञापित करेंगे। जनप्रतिनिधि सम्मेलन का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद और विचार-विमर्श के माध्यम से संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करना तथा हरियाणा के समग्र विकास में जनभागीदारी की भूमिका को और प्रभावी बनाने के लिए साझा दृष्टिकोण विकसित करना है।