भिवानी : आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल किसी काम को बेहतर तरीके से करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे कुछ अलग अंदाज में करने की प्रस्तुति ही व्यक्ति को विशिष्ट पहचान दिलाती है। ये उद्गार आज आदर्श महिला महाविद्यालय में आयोजित सृजन मेला का उद्घाटन करते हुए बतौर मुख्यातिथि प्रबंधकारिणी समिति के महासचिव अशोक बुवानीवाला ने कहे।
इस दौरान छात्राओं द्वारा तैयार उत्पादों का अवलोकन करते हुए उन्होंने कहा कि आज बाजार में वही उत्पाद अपनी जगह बना पाते हैं, जिनमें गुणवत्ता के साथ नवीनता और अपनी अलग पहचान होती है। ऐसे में छात्राओं द्वारा अपनी कल्पनाओं को उत्पादों का रूप देना और उन्हें प्रदर्शनी एवं बिक्री के माध्यम से लोगों तक पहुंचाना सराहनीय है।
उन्होंने कहा कि सृजनात्मकता व्यक्ति को लीक से हटकर सोचने, समस्याओं का समाधान खोजने और नए अवसरों का निर्माण करने की प्रेरणा देती है। सृजनात्मकता की यही ताकत है कि यह साधारण सी वस्तु को भी खास बना देती है। छात्राओं का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि संभव है कि आज इन स्टॉलों पर प्रदर्शित हो रहे छोटे-छोटे प्रयास ही कल किसी सफल व्यवसाय या उद्यम की नींव बनें।
बुवानीवाला ने कहा कि सृजनात्मक सोच ही नवाचार करने की क्षमता और अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देने के हुनर को तरासती है। उन्होंने कहा कि आज का समय प्रतिस्पर्धाओं से तैयार होकर अपनी प्रतिभा और क्षमताओं को नए आयाम देने का है। ऐसे में विद्यार्थियों के भीतर छिपी रचनात्मक प्रतिभा को पहचानना और उसे सही मंच प्रदान करना शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
महाविद्यालय की प्राचार्या डाॅ. अलका मित्तल ने कहा कि सृजनात्मकता केवल कला या हस्तशिल्प तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में नए विचारों, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का आधार बनती है। आदर्श महिला महाविद्यालय द्वारा सृजन मेले जैसे आयोजन करना इसी दिशा में एक पहल है, जो छात्राओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ भविष्य में उद्यमिता की ओर कदम बढ़ाने के लिए भी प्रेरित करती है।
इस अवसर पर पवन बुवानीवाला, दीपक बंसल, गोकल सिंह नम्बरदार, महाबीर सैनी, रामौतार शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। महाविद्यालय परिसर में आयोजित सृजन मेले में छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा और उद्यमशील सोच का शानदार संगम देखने को मिला। छात्राओं द्वारा अपनी कल्पनाशीलता, कलात्मक अभिरुचि और हुनर को आकार देकर तैयार किए गए आकर्षक एवं उपयोगी उत्पादों की प्रदर्शनी मेले का मुख्य आकर्षण रही।
दीपावली को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई विशेष सजावटी एवं उत्सवी सामग्री, आकर्षक होम डेकोर उत्पाद, पारंपरिक कला का स्पर्श लिए ब्लॉक प्रिंटेड साड़ियां एवं ब्लाउज, घर पर तैयार किए गए स्वादिष्ट खाद्य पदार्थ तथा प्राकृतिक स्किन केयर उत्पादों ने विशेष रूप से आगंतुकों का ध्यान खींचा। विभिन्न स्टॉलों पर सजे इन उत्पादों को अतिथियों एवं आगंतुकों ने खूब सराहा और भरपुर खरीदारी भी की। यह मेला केवल उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छात्राओं को अपने हुनर को पहचान दिलाने और स्वरोजगार की संभावनाओं से जोड़ने का एक सशक्त मंच भी बना।