शिमला : संजौली के शांति विहार, भट्टाकुफर, चलौंठी और आसपास के क्षेत्रों में ट्विन टनल निर्माण के दौरान कंपन और ब्लास्टिंग से मकानों में दरारें आने का मामला रविवार को फिर उठाया गया। वार्ड पार्षद विनीत शर्मा की अध्यक्षता में स्थानीय निवासियों ने संजौली समिट्री क्षेत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और प्रशासन से प्रभावित भवनों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की। इस दौरान लोगों ने ढली टनल से संजौली तक कैंडल मार्च निकाला। प्रदर्शन में संजौली, शांति विहार, भट्टाकुफर और चलौंठी क्षेत्र के लोगों ने हिस्सा लिया। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि घनी आबादी वाले क्षेत्र के नीचे ट्विन टनल निर्माण के दौरान होने वाले कंपन और ब्लास्टिंग से कई भवनों में दरारें दिखाई दे रही हैं। लोगों ने कहा कि इससे भवन मालिकों में अपने घरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि निर्माण कार्य को लेकर उनकी ओर से पहले भी संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजैंसियों के समक्ष अपनी चिंताएं रखी गई हैं। इसके बावजूद प्रभावित भवनों की स्थिति का व्यापक तकनीकी सर्वे और सुरक्षा ऑडिट नहीं होने से लोगों में रोष है। वार्ड पार्षद विनीत शर्मा की अध्यक्षता में हुए प्रदर्शन के दौरान लोगों ने मांग उठाई कि प्रभावित क्षेत्रों में विशेषज्ञों की टीम भेजकर सभी भवनों का सर्वे करवाया जाए। निर्माण कार्य से पहले और वर्तमान स्थिति की तुलना कर यह भी स्पष्ट किया जाए कि भवनों में आई दरारों का कारण क्या है?
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की कि टनल निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी संभावित नुक्सान की स्थिति में प्रभावित परिवारों को उचित राहत और मुआवजा उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जाए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध शांतिपूर्ण है और उनका मुख्य उद्देश्य लोगों की जानमाल और संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करवाना है। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की।