हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने शुक्रवार को शिमला में चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने "वोट चोरी" के हालिया आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को तुरंत हटाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कुमार का पुतला फूंका, आयोग के बोर्ड पर कालिख पोती और उस पर "चोर आयोग" लिखा। उन्होंने सीईसी और वोटर लिस्ट के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के खिलाफ भी नारे लगाए। पुतला जलाते समय पार्टी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हाथापाई भी हुई।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हालिया खबरों से यह साफ हो गया है कि भाजपा वोट चोरी करके चुनाव जीत रही है। उन्होंने कहा, "अब यह साफ हो गया है कि वोट चोरी के असली दोषी चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार हैं। करोड़ों लोगों को चुनाव में वोट देने के अधिकार से वंचित रखा गया, जिसके कारण भाजपा भारी अंतर से चुनाव जीत रही है।" अग्निहोत्री ने कहा, "लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लंबे समय से यह मुद्दा उठा रहे हैं। वह कहते रहे हैं कि चुनाव आयोग की मदद से चुनाव चुराए जा रहे हैं। अब, दो चुनाव आयुक्तों द्वारा (उनकी जानकारी या सिफारिशों के बिना लिए गए फैसलों पर) आपत्ति जताने की खबरों से यह साफ हो गया है कि वोट चोरी करके चुनाव जीते जा रहे हैं। यह देशद्रोह है। इसलिए, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए।"
अग्निहोत्री ने चुनाव आयोग का बचाव करने की कोशिश करने वाले भाजपा नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया, "चुनाव आयोग पर आरोप लग रहे हैं, लेकिन भाजपा नेता बयान दे रहे हैं।" केंद्र सरकार से कुमार को तुरंत पद से हटाने की मांग करते हुए अग्निहोत्री ने चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा, "जिस तरह इस साल की शुरुआत में शिक्षा मंत्री को हटाया गया था, उसी तरह लोग कुमार को हटाने के लिए बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। इसलिए, BJP सरकार को उन्हें तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए।"