चंडीगढ़ में एक केमिस्ट की दुकान पर कैशियर की हत्या के मामले में नया मोड़ आया है। इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस की जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि शार्प शूटर्स ने गलती से यह हत्या कर दी। दुकान में गोली मारकर मारे गए जानकीदास असल में शूटर्स का असली टारगेट नहीं थे।
दरअसल, पुलिस सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि फिरोजपुर के एक शख्स ने शूटर्स को एक मशहूर केमिस्ट को मारने के लिए भेजा था। फायरिंग के बाद गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के कथित वॉयस मैसेज में 'कुमार ब्रदर्स' का जिक्र था। बताया जा रहा है कि शूटर्स 'कुमार' नाम से कन्फ्यूज हो गए थे। सेक्टर-11 में 'कुमार' नाम से जुड़ी आधा दर्जन मेडिकल दुकानें हैं। उन्होंने श्री कुमार केमिस्ट की दुकान में घुसकर वहां बैठे कैशियर जानकीदास को गोली मार दी।
आरोपियों में शूटर आदिल, सन्नी मेहरा और राहुल चौहान के नाम सामने आए। शूटर अभी गिरफ्त से बाहर हैं, लेकिन उनके संपर्क में रहने वाले तीन संदिग्धों अजय कुमार, ओमकार और विवेक मेहरा को जम्मू के सांबा से हिरासत में लिया गया है। 3 पकड़े गए संदिग्धों में अजय प्लंबर है, जबकि ओमकार ऑटो चालक है। ओमकार का नाम पहले भी कठुआ जिले के राजबाग क्षेत्र में दर्ज एक हत्या के मामले में सामने आ चुका है। विवेक मेहरा फिलहाल सांबा के चकमंगा गांव में अपने मामा के घर रह रहा था और मीट की रेहड़ी लगाता था। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस के सहयोग से की गई। पुलिस ने उनके कब्जे से एक पिस्तौल भी बरामद की है।
पुलिस ने इस मामले में जम्मू के बहराना से एक शूटर को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान सनी मेहरा के तौर पर हुई है। हालांकि, पुलिस विभाग ने इसकी पुष्टि नहीं की है। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि घटना के बाद शूटर चंडीगढ़ से दिल्ली गया और वहां से ट्रेन से जम्मू पहुंचा। सूत्रों के मुताबिक, सनी करीब 2 महीने से दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में काम कर रहा था। इस दौरान वह अपने घर वापस नहीं लौटा था। फरार शूटर अमन और आर्यन की तलाश में चंडीगढ़ पुलिस की टीमें दिल्ली और जम्मू में छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस जांच में पता चला है कि घटना में इस्तेमाल जिगाना पिस्टल तुर्की में बनी थी। यह पिस्टल पाकिस्तान से जम्मू पहुंची और वहां से गोल्डी ढिल्लों गैंग के सदस्यों ने शूटर अमन, आर्यन और सनी को दी। तीनों आरोपियों के पास एक-एक पिस्टल थी। पुलिस ने पिस्टल, बाइक और होटल में उनके ठहरने का इंतजाम करने वाले 3 युवकों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ जारी है।
किसी और के आधार कार्ड पर बुक हुआ कमरा
गोल्डी ढिल्लों गैंग के शूटरों के लिए काझेरी के एक होटल में किसी और के आधार कार्ड पर कमरा बुक किया गया था। पुलिस टीम ने होटल से आधार कार्ड की कॉपी ली और उस व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। पुलिस टीमें आधार कार्ड वाले व्यक्ति से लगातार पूछताछ कर रही हैं। इसके अलावा मोबाइल की कॉल डिटेल्स भी जांची जा रही हैं। होटल के रिकॉर्ड के मुताबिक, तीनों आरोपी शुक्रवार दोपहर 2 से 2:30 बजे के बीच होटल पहुंचे थे। कमरा लेने के बाद वे शाम को बाहर गए और थोड़ी देर बाद वापस आ गए। इसके बाद तीनों ने शनिवार दोपहर करीब 12:55 बजे होटल से चेक आउट किया। होटल का 800 रुपये किराया देने के बाद वे चले गए।