Thursday, October 08, 2026
BREAKING
• ‘क्रांतिवीर’ नाना पाटेकर ने सामाजिक बुराइयों पर फिल्मों के जरिए प्रहार किया : प्रधानमंत्री मोदी • आईपीयू विधानसभा में भारत ने सुशासन, शांति और जलवायु कार्रवाई पर रखा पक्ष • नई दिल्ली : खड़गे के बुलावे पर लंच पर पहुंचे राहुल और प्रियंका, राजघाट जाने का प्लान, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन जारी • महिलाओं तक सीमित नहीं ब्रेस्ट कैंसर, पुरुषों को भी हो सकता है : WHO • टेलीकॉम से टेक्नोलॉजी तक आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ रहे कदम: पीएम मोदी • देश में दो विचारधाराओं की लड़ाई, विपक्ष अराजकता फैलाना चाहता है : गौरव भाटिया • अफ्रीका के साथ विकास साझेदारी भारत के जुड़ाव में हमेशा अहम रही: विदेश मंत्री जयशंकर • गोवा के मुख्यमंत्री ने नाना पाटेकर के निधन पर जताया शोक, उनकी अनूठी अभिनय शैली को सराहा • मोबाइल फोन बना गुड गवर्नेंस का टूल, 5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचे: पीएम मोदी • कितनी भी कठिन परिस्थिति क्यों न आए, कमजोर कड़ी नहीं बनना है : वायुसेना प्रमुख एपी सिंह

बाज़ार

वैश्विक तेल आपूर्ति सामान्य होने में लगेगा समय, FY27 में ऊंचे रह सकते हैं रिफाइनिंग मार्जिन: जेफरीज

08 अक्टूबर, 2026 04:22 PM

नई दिल्ली(एजेंसी) : वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला में आए व्यवधानों को सामान्य होने में समय लगने के कारण वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान रिफाइनिंग मार्जिन ऊंचे बने रहने की संभावना है। हालांकि, मध्य पूर्व के प्रमुख मार्गों से कच्चे तेल की आवाजाही संघर्ष से पहले के स्तर की करीब 80 प्रतिशत तक बहाल हो गई है। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने यह बात कही है।

ब्रोकरेज के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक सिंगापुर का सकल रिफाइनिंग मार्जिन औसतन 15.2 डॉलर प्रति बैरल रहा है। वहीं, गैसोलीन, डीजल और विमान ईंधन का क्रैक क्रमशः 38 डॉलर, 61 डॉलर और 68 डॉलर प्रति बैरल रहा।

जेफरीज ने कहा कि मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन की एक प्रमुख वजह रूस के रिफाइनिंग ढांचे पर हुए हमलों के बाद वहां से परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में आई कमी है। इससे मध्यम आसुत ईंधन के बाजार में आपूर्ति और अधिक सीमित हुई है।

जेफरीज ने कहा, “आपूर्ति श्रृंखला को सामान्य होने में समय लगने की संभावना है, जिससे वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान रिफाइनिंग मार्जिन ऊंचे बने रहने में मदद मिल सकती है।” ब्रोकरेज ने कहा कि कच्चे तेल की आवाजाही में कुछ सुधार के बावजूद रिफाइनिंग बाजार में मजबूती बनी हुई है।

रिपोर्ट के अनुसार, मध्य पूर्व से कच्चे तेल की करीब 40 प्रतिशत लोडिंग अब लाल सागर के यनबू और ओमान की खाड़ी में फुजैरा की ओर स्थानांतरित हो गई है, जबकि फरवरी में यह हिस्सा 17 प्रतिशत था। कुल मिलाकर कच्चे तेल और परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों की आवाजाही हाल में करीब 1.6 करोड़ बैरल प्रतिदिन तक पहुंची है, जबकि संघर्ष से पहले यह करीब 2 करोड़ बैरल प्रतिदिन थी। हालांकि, परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति अभी भी प्रभावित है।

तेल बाजार पर दबाव बनाए रखने वाला एक अन्य प्रमुख कारक परिवहन लागत है। माल ढुलाई की दरों में सप्ताह-दर-सप्ताह 2 प्रतिशत की कमी आई है, लेकिन वे संघर्ष शुरू होने के समय की तुलना में अब भी करीब आठ गुना अधिक हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, कच्चे तेल की अंतिम पहुंच लागत में माल ढुलाई का हिस्सा अब 25 प्रतिशत से अधिक हो गया है, जबकि संघर्ष से पहले यह करीब 3 प्रतिशत था। रिपोर्ट में कहा गया है कि “तेल टैंकरों पर लगातार हो रहे कई हमलों के कारण निकट अवधि में माल ढुलाई की दरें ऊंची बनी रह सकती हैं।”

जेफरीज ने सर्दियों से पहले गैस बाजार में बढ़ते दबाव की ओर भी ध्यान दिलाया। हाजिर एलएनजी की कीमत औसतन 26 डॉलर प्रति दस लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट रही, जबकि यूरोप में गैस भंडारण का स्तर 73 प्रतिशत था। एक साल पहले यह 83 प्रतिशत था। जेफरीज का अनुमान है कि सर्दी नजदीक आने के साथ गैस की कीमतें ऊंची बनी रहेंगी।

इसी दौरान पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में रिफाइनिंग से जुड़े मार्जिन में सुधार हुआ है और फरवरी के अंत की तुलना में इसमें 79 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, तेल विपणन कंपनियों के मार्जिन पर अब भी दबाव बना हुआ है।

जेफरीज ने कहा कि आपूर्ति में लगातार बदलते व्यवधान, ऊंची माल ढुलाई लागत और प्रतिबंधों से जुड़े जोखिम आने वाले महीनों में ऊर्जा बाजार की दिशा को प्रभावित करते रह सकते हैं।

 

Have something to say? Post your comment

और बाज़ार खबरें

भारत में AI आधारित मौसम पूर्वानुमान से 3 करोड़ से ज्यादा किसानों को मिला फायदा: विश्व बैंक

भारत में AI आधारित मौसम पूर्वानुमान से 3 करोड़ से ज्यादा किसानों को मिला फायदा: विश्व बैंक

शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन दबाव, सेंसेक्स 492 अंक और निफ्टी 153 अंक तक टूटा

शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन दबाव, सेंसेक्स 492 अंक और निफ्टी 153 अंक तक टूटा

व्यापारी संगठनों ने नए यूपीआई एमडीआर फ्रेमवर्क को त्योहारी सीजन तक टालने की अपील की

व्यापारी संगठनों ने नए यूपीआई एमडीआर फ्रेमवर्क को त्योहारी सीजन तक टालने की अपील की

भारत में संस्थागत रियल एस्टेट निवेश जनवरी-सितंबर में 5.9 अरब डॉलर रहा: रिपोर्ट

भारत में संस्थागत रियल एस्टेट निवेश जनवरी-सितंबर में 5.9 अरब डॉलर रहा: रिपोर्ट

RBI MPC का बड़ा फैसला, रेपो रेट 25 बेसिस पॉइंट बढ़कर 5.50% हुआ

RBI MPC का बड़ा फैसला, रेपो रेट 25 बेसिस पॉइंट बढ़कर 5.50% हुआ

RBI MPC के फैसले से पहले दबाव में खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 102 अंक और निफ्टी 86 अंक टूटा

RBI MPC के फैसले से पहले दबाव में खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 102 अंक और निफ्टी 86 अंक टूटा

57वीं GST काउंसिल की बैठक अब 8 अक्टूबर को, जरूरी वजहों से एक दिन टली बैठक

57वीं GST काउंसिल की बैठक अब 8 अक्टूबर को, जरूरी वजहों से एक दिन टली बैठक

सितंबर में भारत के सर्विस सेक्टर की ग्रोथ 3 महीने के उच्चतम स्तर पर, PMI बढ़कर 55.2

सितंबर में भारत के सर्विस सेक्टर की ग्रोथ 3 महीने के उच्चतम स्तर पर, PMI बढ़कर 55.2

भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ खुला, सेंसेक्स 126 अंक और निफ्टी 48 अंक चढ़ा

भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ खुला, सेंसेक्स 126 अंक और निफ्टी 48 अंक चढ़ा

भारत में सितंबर में ऑटो रिटेल बिक्री 31.8 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 25 लाख इकाई के पार: फाडा

भारत में सितंबर में ऑटो रिटेल बिक्री 31.8 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 25 लाख इकाई के पार: फाडा