नई दिल्ली(एजेंसी) : वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला में आए व्यवधानों को सामान्य होने में समय लगने के कारण वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान रिफाइनिंग मार्जिन ऊंचे बने रहने की संभावना है। हालांकि, मध्य पूर्व के प्रमुख मार्गों से कच्चे तेल की आवाजाही संघर्ष से पहले के स्तर की करीब 80 प्रतिशत तक बहाल हो गई है। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने यह बात कही है।
ब्रोकरेज के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक सिंगापुर का सकल रिफाइनिंग मार्जिन औसतन 15.2 डॉलर प्रति बैरल रहा है। वहीं, गैसोलीन, डीजल और विमान ईंधन का क्रैक क्रमशः 38 डॉलर, 61 डॉलर और 68 डॉलर प्रति बैरल रहा।
जेफरीज ने कहा कि मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन की एक प्रमुख वजह रूस के रिफाइनिंग ढांचे पर हुए हमलों के बाद वहां से परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में आई कमी है। इससे मध्यम आसुत ईंधन के बाजार में आपूर्ति और अधिक सीमित हुई है।
जेफरीज ने कहा, “आपूर्ति श्रृंखला को सामान्य होने में समय लगने की संभावना है, जिससे वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान रिफाइनिंग मार्जिन ऊंचे बने रहने में मदद मिल सकती है।” ब्रोकरेज ने कहा कि कच्चे तेल की आवाजाही में कुछ सुधार के बावजूद रिफाइनिंग बाजार में मजबूती बनी हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, मध्य पूर्व से कच्चे तेल की करीब 40 प्रतिशत लोडिंग अब लाल सागर के यनबू और ओमान की खाड़ी में फुजैरा की ओर स्थानांतरित हो गई है, जबकि फरवरी में यह हिस्सा 17 प्रतिशत था। कुल मिलाकर कच्चे तेल और परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों की आवाजाही हाल में करीब 1.6 करोड़ बैरल प्रतिदिन तक पहुंची है, जबकि संघर्ष से पहले यह करीब 2 करोड़ बैरल प्रतिदिन थी। हालांकि, परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति अभी भी प्रभावित है।
तेल बाजार पर दबाव बनाए रखने वाला एक अन्य प्रमुख कारक परिवहन लागत है। माल ढुलाई की दरों में सप्ताह-दर-सप्ताह 2 प्रतिशत की कमी आई है, लेकिन वे संघर्ष शुरू होने के समय की तुलना में अब भी करीब आठ गुना अधिक हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, कच्चे तेल की अंतिम पहुंच लागत में माल ढुलाई का हिस्सा अब 25 प्रतिशत से अधिक हो गया है, जबकि संघर्ष से पहले यह करीब 3 प्रतिशत था। रिपोर्ट में कहा गया है कि “तेल टैंकरों पर लगातार हो रहे कई हमलों के कारण निकट अवधि में माल ढुलाई की दरें ऊंची बनी रह सकती हैं।”
जेफरीज ने सर्दियों से पहले गैस बाजार में बढ़ते दबाव की ओर भी ध्यान दिलाया। हाजिर एलएनजी की कीमत औसतन 26 डॉलर प्रति दस लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट रही, जबकि यूरोप में गैस भंडारण का स्तर 73 प्रतिशत था। एक साल पहले यह 83 प्रतिशत था। जेफरीज का अनुमान है कि सर्दी नजदीक आने के साथ गैस की कीमतें ऊंची बनी रहेंगी।
इसी दौरान पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में रिफाइनिंग से जुड़े मार्जिन में सुधार हुआ है और फरवरी के अंत की तुलना में इसमें 79 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, तेल विपणन कंपनियों के मार्जिन पर अब भी दबाव बना हुआ है।
जेफरीज ने कहा कि आपूर्ति में लगातार बदलते व्यवधान, ऊंची माल ढुलाई लागत और प्रतिबंधों से जुड़े जोखिम आने वाले महीनों में ऊर्जा बाजार की दिशा को प्रभावित करते रह सकते हैं।