Thursday, February 19, 2026
BREAKING
पंजाब सरकार द्वारा किसानों की आय में वृद्धि करने और फसली विविधता को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि-प्रसंस्करण यूनिटों का विस्तार श्रीमद भागवत का अनुसरण करते हुए हमेशा धर्मसम्मत कार्य करना चाहिए : कु. शैलेंद्र पाराशर जी महाराज अब ‘रेडक्रॉस’ बनेगा आधार सेवा का नया केंद्र, श्रम विभाग से मिली 35 एनरोलमेंट किट्स की मंजूरी आरोहन वेलफेयर सोसाइटी द्वारा डॉ. रितु सोनी की स्मृति में दिव्यांग बेटियों और महिलाओं के सम्मान में वार्षिक समारोह आयोजित सुक्खू सरकार ने हिमकेयर को दी नई मजबूती, तीन वर्षों में ऊना में 42 करोड़ की स्वास्थ्य राहत व्यापारियों की सुरक्षा और व्यापार करने में आसानी के प्रति भगवंत मान सरकार की ऐतिहासिक प्रतिबद्धता भगवंत मान सरकार परेशानी-रहित और अनुकूल व्यापारिक माहौल सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध: हरपाल सिंह चीमा स्कूल से स्टार्टअप तक: एआई क्षेत्र में युवाओं के लिए तैयार हो रहा नया इकोसिस्टम भारत के एआई समिट में यूएन प्रमुख का संदेश — तकनीक बने सबके विकास का माध्यम उपराष्ट्रपति और केंद्रीय मंत्रियों ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

राष्ट्रीय

विशाखापत्तनम में ‘मिलन 2026’ का रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे उद्घाटन, 70 देशों की नौसेनाएं लेंगी भाग

19 फ़रवरी, 2026 12:44 PM

बहुपक्षीय नौसेना अभ्यास ‘मिलन 2026’ का औपचारिक उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा आज गुरुवार को विशाखापत्तनम नौसेना बेस के समुद्रिका सभागार में किया जाएगा। इस अवसर पर नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी उपस्थित रहेंगे।

इससे पहले, 15 फरवरी को पूर्वी नौसेना कमान के कमांडर-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय भल्ला ने ‘मिलन विलेज’ का उद्घाटन किया था। ‘मिलन 2026’ का बंदरगाह चरण बुधवार को शुरू हुआ, जिसके बाद शाम को भाग लेने वाले प्रतिनिधियों के लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और औपचारिक रात्रिभोज का आयोजन किया गया था।

अभ्यास के आधिकारिक उद्घाटन से पहले, गुरुवार से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगोष्ठी शुरू होगी। 2022 के संस्करण में 42 देशों ने भाग लिया था, जबकि वर्तमान संस्करण में 70 देशों की भागीदारी देखी गई है, जो इसकी वैश्विक पहुंच में महत्वपूर्ण विस्तार को दर्शाता है।

मिलन 2026 का समुद्री चरण 21 फरवरी को शुरू होने वाला है और 25 फरवरी को समाप्त होगा। बंदरगाह और समुद्री दोनों चरण भाग लेने वाली नौसेनाओं के बीच अंतर-संचालनीयता को बढ़ाने, समुद्री क्षेत्र की जागरूकता को मजबूत करने और पनडुब्बी रोधी युद्ध, वायु रक्षा और खोज एवं बचाव अभियानों में उन्नत अभ्यास आयोजित करने के लिए डिजाइन किए गए हैं।

इस अभ्यास का उद्देश्य मित्र विदेशी देशों की नौसेनाओं को एक साथ लाना, पेशेवर संबंधों को गहरा करना, परिचालन संबंधी सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करना और समुद्री सहयोग का विस्तार करना है।

इस अभ्यास के परिचालन घटक में बड़े पैमाने पर बहुपक्षीय समुद्री अभियानों पर जोर दिया जाएगा, जिससे भाग लेने वाली सेनाओं को एक समन्वित और एकजुट समुद्री समूह के रूप में कार्य करने का व्यापक अनुभव प्राप्त होगा।

भारतीय नौसेना की ओर से 1995 में शुरू किया गया, मिलन एक द्विवार्षिक बहुपक्षीय नौसैनिक सम्मेलन है, जो चार क्षेत्रीय देशों, इंडोनेशिया, सिंगापुर, श्रीलंका और थाईलैंड, की भागीदारी के साथ शुरू हुआ था।

यह अभ्यास मूल रूप से भारत की ‘लुक ईस्ट पॉलिसी’ के अनुरूप था, जो बाद में ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास के दृष्टिकोण में विकसित हुआ। इसका पहला संस्करण अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पोर्ट ब्लेयर में आयोजित किया गया था।

पिछले कुछ वर्षों में, इस अभ्यास का दायरा काफी बढ़ गया है, जो बुनियादी अंतरसंचालनीयता अभ्यासों से लेकर पनडुब्बी रोधी और वायु रोधी अभियानों सहित जटिल, उच्च-तीव्रता वाले युद्ध परिदृश्यों तक विस्तारित हो गया है, जो भारत की बढ़ती समुद्री उपस्थिति को दर्शाता है।

परंपरागत रूप से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आयोजित होने के बावजूद, विशाखापत्तनम की अधिक व्यापक और उन्नत नौसैनिक अवसंरचना के कारण 2020 में इसका आयोजन स्थल विशाखापत्तनम में स्थानांतरित कर दिया गया।

Have something to say? Post your comment

और राष्ट्रीय खबरें

स्कूल से स्टार्टअप तक: एआई क्षेत्र में युवाओं के लिए तैयार हो रहा नया इकोसिस्टम

स्कूल से स्टार्टअप तक: एआई क्षेत्र में युवाओं के लिए तैयार हो रहा नया इकोसिस्टम

भारत के एआई समिट में यूएन प्रमुख का संदेश — तकनीक बने सबके विकास का माध्यम

भारत के एआई समिट में यूएन प्रमुख का संदेश — तकनीक बने सबके विकास का माध्यम

उपराष्ट्रपति और केंद्रीय मंत्रियों ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

उपराष्ट्रपति और केंद्रीय मंत्रियों ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

राष्ट्रपति मैक्रों ने AI इम्पैक्ट समिट में भारत के डिजिटल परिवर्तन और प्रौद्योगिकी शासन में अग्रणी भूमिका की सराहना की

राष्ट्रपति मैक्रों ने AI इम्पैक्ट समिट में भारत के डिजिटल परिवर्तन और प्रौद्योगिकी शासन में अग्रणी भूमिका की सराहना की

एआई में पारदर्शिता जरूरी, बने सबके हित और सुख का साधनः पीएम मोदी

एआई में पारदर्शिता जरूरी, बने सबके हित और सुख का साधनः पीएम मोदी

गूगल भारत में अपने 15 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश के तहत एक फुल-स्टैक एआई हब स्थापित कर रहा है: सुंदर पिचाई

गूगल भारत में अपने 15 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश के तहत एक फुल-स्टैक एआई हब स्थापित कर रहा है: सुंदर पिचाई

BCCI और भारत के साथ बेहतर संबंध चाहता है बांग्लादेश: अमीनुल हक

BCCI और भारत के साथ बेहतर संबंध चाहता है बांग्लादेश: अमीनुल हक

India AI Impact Summit 2026: पीएम मोदी AI को बताया मानव इतिहास का परिवर्तनकारी क्षण, कहा-मानव सामर्थ्य को कई गुना बढ़ाएगी

India AI Impact Summit 2026: पीएम मोदी AI को बताया मानव इतिहास का परिवर्तनकारी क्षण, कहा-मानव सामर्थ्य को कई गुना बढ़ाएगी

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला के भारत दौरे से गहरे होंगे संबंध, आर्थिक-रणनीतिक साझेदारी बढ़ेगी: एक्सपर्ट

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला के भारत दौरे से गहरे होंगे संबंध, आर्थिक-रणनीतिक साझेदारी बढ़ेगी: एक्सपर्ट

पीएम मोदी ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर दी श्रद्धांजलि, कहा- ‘वे सिर्फ एक नाम नहीं, वे हमारे लिए आराध्य देव हैं’

पीएम मोदी ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर दी श्रद्धांजलि, कहा- ‘वे सिर्फ एक नाम नहीं, वे हमारे लिए आराध्य देव हैं’