चंडीगढ़ : हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र सिंह कल्याण ने हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में ‘जीवन गीत’ काव्य संग्रह पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक का लेखन हरियाणा सरकार में जिला/सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी के पद पर कार्यरत डॉ. कृष्ण के आर्य ने किया हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि साहित्यकार समाज के मार्गदर्शक हैं, जो अपनी लेखनी से उत्कृष्ट इतिहास का सृजन करते हैं। उन्होंने कहा कि वह साहित्यकार ही होते हैं, जो मानव मात्र को प्राचीन इतिहास के छिपे रहस्यों से अवगत करवाते हैं। इससे हमारे समाज का उत्थान और सरकार को दिशा प्राप्त होती है। इस अवसर पर उन्होंने साहित्यकारों को पुरस्कार वितरित किए। पुस्तक के लेखक ड़ॉ आर्य ने कहा कि यह उनकी दूसरी पुस्तक है, जिसमें इकावन कविताओं का संग्रह है। इसमें देश प्रेम, सामाजिक ताना-बाना, कृष्ण भक्ति, पक्षियों की जीवन शैली, मानव जीवनचर्या तथा त्यौहारों पर आधारित कविताएं हैं। इनमें इंसान हूॅं, पक्षियों की दूनिया, चुप रहता हूं, पैसे पेड़ पर लगते हैं, चौकीदार, भाग मत, शब्द नहीं मिलते तथा तेरी मां जैसी सामाजिक सरोकारों की कविताएं शामिल हैं।
डॉ. आर्य ने कहा कि उनकी पहली पुस्तक ‘कर्मयोगी कृष्ण’ है। इस पुस्तक को चंडीगढ़ साहित्य अकादमी द्वारा बेस्ट बुक ऑफ द ईयर 2025 की सर्वश्रेष्ठ कृति का पुरस्कार प्राप्त है। इस पुस्तक में भगवान श्रीकृष्ण का अनुसंधानात्मक सम्पूर्ण जीवन चरित्र दिया गया है, जिसमें लगभग दो दर्जन पुस्तकों के संदर्भ सम्मिलित किए गए है। पुस्तक में ग्यारह अध्याय है, जिनमें भगवान श्रीकृष्ण से पूर्व की 60 पीढ़ियों, उनकी शिक्षा, दिनचर्या तथा वास्तविक और मूल द्वारका सहित अन्य खंडों का विस्तार से वर्णन है। यह पुस्तक भी हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष को भेंट की
इस अवसर रेशमा कल्याण, यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. कुलदीप अग्निहोत्री, निदेशक डॉ. चंद्र त्रिखा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।