हिमाचल की राजधानी समेत अन्य शहरों को स्मार्ट बनाने के लिए प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कर्नाटक के सीएम और डिप्टी सीएम से शुक्रवार को मुलाकात की है। इस दौरान राज्यों के शहरों को सुंदर, सुरक्षित और व्यवस्थित करने के कर्नाटक मॉडल को नजदीक से जाना। वहीं शहरों में यातायात प्रबंधन, एकीकृत कमान केंद्र, स्मार्ट सिटी विकास और अर्बन चैलेंज फंड पर गहन चर्चा हुई है। वहीं विक्रमादित्य सिंह ने डिप्टी सीएम डीके शिव कुमार के साथ एक अहम बैठक भी की है। बहरहाल कर्नाटक मॉडल में आवश्यक संशोधनों के साथ इसे हिमाचल में उतारने की विक्रमादित्य सिंह की योजना है।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को कर्नाटक में विक्रमादित्य सिंह ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप मुख्यमंत्री डीके शिव कुमार से अधिकारिक मुलाकात की। इस दौरान विक्रमादित्य सिंह ने अंतर-राज्यीय विकास प्राथमिकताओं और जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। साथ ही हिमाचल की आगामी ढांचागत योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए उनका मार्गदर्शन और आशीर्वाद मांगा। वहीं विक्रमादित्य सिंह ने कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिव कुमार से एक नीतिगत बैठक भी शुक्रवार को की है। इस दौरान चर्चा का मुख्य केंद्र आधुनिक समस्याओं के तकनीकी व स्थाई समाधानों पर केंद्रित रहा। इस दौरान शहरों वाहनों के बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मेनजमेंट और स्मॉर्ट मोबिलिटी सॉल्यूशंस को लागू करने और एकीकृत कमान केंद्र के तहत नागरिक सेवाओं की त्वरित डिलीवरी, आपातकालीन प्रबंधन और 24&7 शहर की सुरक्षा व निगरानी के लिए एक केंद्रीयकृत कमान केंद्र व्यवस्था का ढांचा तैयार करने पर चर्चा की। साथ ही स्मार्ट सिटी विकास के मुद्दे पर पर्यावरण के अनुकूल सतत विकास मॉडल, शुद्ध बुनियादी ढांचे और नागरिकों के जीवन स्तर को आधुनिक बनाने वाली टिकाऊ परियोजनाओं का विस्तार पर बात हुई। जबकि अर्बन चैलेंज फंड कार्यक्रम के तहत शहरी विकास से जुड़ी बड़ी पूंजीगत परियोजनाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए नए वित्तीय मॉडलों पर बैठक में अनुभव को साझा किया गया।
उधर, लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि शहरी विकास, बुनियादी सुधारों और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में कर्नाटक और विशेष रूप से बेंगलुरु शहर पूरे देश के लिए एक अग्रणी मिसाल है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि हिमाचल प्रदेश की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप इस सफल मॉडल का बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है। बकौल विक्रमादित्य हमारा संकल्प है कि बेंगलुरु के इस बेहतरीन विकास मॉडल की मुख्य कडिय़ों को आवश्यक संशोधनों के साथ हिमाचल प्रदेश में भी दोहराया जाए। जिससे राज्य के शहरों को अधिक सुंदर, सुरक्षित, व्यवस्थित और स्मार्ट बनाया जा सके।