चंडीगढ़ : पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को रिश्वत मामले में हाईकोर्ट से बड़ा झटका मिला है। बता दें कि आज हाईकोर्ट ने पूर्व डीआईजी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। भुल्लर फिलहाल चंडीगढ़ की मॉडल जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं।
जांच पूरी होने का दिया था हवाला
भुल्लर ने 9 जनवरी को हाई कोर्ट में नियमित जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी। याचिका में कहा गया कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और 3 दिसंबर को अंतिम रिपोर्ट अदालत में पेश की जा चुकी है। ऐसे में आगे हिरासत में रखकर पूछताछ की कोई आवश्यकता नहीं रह जाती।
उनकी ओर से अधिवक्ता निखिल घई ने दलील दी कि अभियोजन पक्ष की मंशा मुख्य रूप से शिकायतकर्ता और सरकारी गवाहों से पूछताछ करने की थी। चूंकि भुल्लर को पहले ही सेवा से निलंबित किया जा चुका है, इसलिए गवाहों को प्रभावित करने या सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका नहीं है।
ट्रैप ऑपरेशन पर भी उठाए सवाल
याचिका में यह भी कहा गया कि शिकायतकर्ता को अदालत के आदेश पर सुरक्षा प्रदान की गई थी। भुल्लर ने यह दावा भी किया कि कथित ट्रैप ऑपरेशन सह-आरोपी से जुड़ा था और उनके खिलाफ न तो कोई प्रत्यक्ष बरामदगी हुई और न ही रिश्वत राशि की स्वीकृति का कोई सीधा प्रमाण है।
अदालत ने दलीलें नहीं मानी
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने मामले की गंभीरता और आरोपों की प्रकृति को देखते हुए राहत देने से मना कर दिया। अब इस मामले में आगे की सुनवाई निचली अदालत में तय प्रक्रिया के तहत जारी रहेगी।