चंडीगढ़ : राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से मिड-डे-मील योजना को सुचारू रूप से संचालित करने पर जोर देते हुए पंजाब राज्य खाद्य आयोग ने रसोईघरों की साफ-सफाई, स्वच्छता संबंधी उचित सुविधाओं और साफ-सुथरे शौचालयों की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया है।
आज यहां आयोजित एक बैठक के दौरान आयोग के कार्यकारी चेयरमैन विजय दत्त ने कहा कि मिड-डे-मील योजना के सुचारू संचालन में बाधा उत्पन्न करने वाली किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर मिड-डे-मील योजना के जनरल मैनेजर विरेंद्र सिंह बराड़ ने चेयरमैन को अवगत करवाया कि 31 अगस्त, 2026 तक योजना की पुरानी बकाया देनदारियों का भुगतान करने के लिए 40 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी गई है।
चेयरमैन ने कहा कि मिड-डे-मील तैयार करने में लगे रसोइयों को साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने स्कूलों में जहां भी पर्याप्त जगह उपलब्ध हो, वहां किचन गार्डन स्थापित करने के महत्व पर भी जोर दिया।
आंगनवाड़ी केंद्रों को राज्य के मजबूत सामाजिक सुरक्षा ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए चेयरमैन ने कहा कि इन केंद्रों में राशन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए।
चेयरमैन ने यह भी निर्देश दिए कि उचित मूल्य की दुकानों (एफपीएस) के माध्यम से राशन का वितरण पारदर्शी और सुचारू ढंग से किया जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए), 2013 के तहत कोई भी पात्र एवं वास्तविक लाभार्थी राशन प्राप्त करने से वंचित न रहे।
बैठक के दौरान चेयरमैन ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग को लाभार्थियों से संबंधित आंकड़े आयोग को भेजने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए, ताकि केंद्रीय वार रूम स्थापित करने के कार्य को गति दी जा सके। इस केंद्रीय वार रूम का उद्देश्य लाभार्थियों से उन्हें मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं के संबंध में फीडबैक प्राप्त करना है।
इस अवसर पर आयोग के सदस्य जसवीर सिंह सेखों और चेतन प्रकाश धालीवाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।