उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी में बड़ा फेरबदल किया है। उन्होंने अपने समधी (भतीजे आकाश आनंद के ससुर) अशोक सिद्धार्थ से दिल्ली, केरल, गुजरात और कर्नाटक राज्य का प्रभार छीन लिया है। बता दें कि बसपा प्रमुख ने पिछले साल भी अनुशासनहीनता के आारोप में अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकाल दिया था। हालांकि बाद में भतीजे आकाश आनंद आनंद के साथ उनको भी माफ कर पार्टी में वापस ले लिया था।
इन्हें मिला अतिरिक्त प्रभार
बताया जा रहा है कि रामजी गौतम, राज्यसभा सांसद को अन्य राज्यों के साथ ही पंजाब राज्य का भी फिर से प्रभारी बनाया गया है। वह पंजाब के आगामी विधानसभा आमचुनाव तक ही नहीं बल्कि आगामी लोकसभा आमचुनाव तक भी अपनी इस ज़िम्मेदारी को निभाते रहेंगे।
आकाश आनंद की टिकट देने में कोई भूमिका नहीं
वहीं, बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शुक्रवार को पार्टी राष्ट्रीय संयोजक और अपने भतीजे आकाश आनंद की भूमिका साफ कर दी थी। शुक्रवार को सोशल मीडिया एक्स पर उन्होंने साफ किया कि पार्टी के सभी बड़े निर्णय वह खुद लेती हैं। राज्य स्तरीय बैठकें और पार्टी उम्मीदवारों के नाम वह तय खुद करती हैं। बसपा सुप्रीमो ने कहा है कि आकाश आनंद का कद बढ़ाने या कम करने जैसा कुछ नहीं है। पार्टी उम्मीदवार तय करने से भी उनकी कोई भूमिका नहीं है।
बसपा अध्यक्ष ने कहा है कि प्रदेश के विधानसभा आम चुनाव नजदीक आ रहे हैं। पार्टी उम्मीदवार तय करने के लिए प्रदेश व मंडल स्तरीय पदाधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा है कि अब तक मैंने दो दर्जन से ज्यादा उम्मीदवारों के साक्षात्कार लेकर नाम अंतिम कर दिए हैं। आगे भी मेरे द्वारा ही उम्मीदवार तय किए जाएंगे। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को लेकर किस्म-किस्म के फैलाए जा रहे भ्रम में रत्तीभर सच्चाई नहीं है।
साफ कर दिया है कि देशभर में जहां भी विधानसभा और लोकसभा चुनाव होते हैं, पार्टी उम्मीदवारों का नाम वह खुद तय करती हैं। यूपी की जिन विधानसभा क्षेत्रों के लिए उम्मीदवार तय कर दिए गए हैं, वहां मेरी ही अनुमति से पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी छोटी-छोटी जनसभा करके उनका ऐलान कर रहे हैं। कुछ सीटों के उम्मीदवार का ऐलान आकाश आनंद ने भी पार्टी की जनसभा में करेंगे।
उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में जिन राज्यों में आम चुनाव हुए हैं, वहां जनसभा के लिए मैंने ही आकाश आनंद को भेजा। पिछले लगभग एक वर्ष से पार्टी संगठन की समीक्षा, बैठकें तथा जनसभा आदि करने के लिए मैंने ही भेजा है। आकाश आनंद पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पिछले वर्ष 9 अक्तूबर को मान्यवर कांशीराम की पुण्यतिथि पर हुई महरैली में आकाश आनंद को बोलने का मौका दिया गया। उन्होंने साफ कर दिया है कि यह सब पार्टी की रूटीन प्रक्रिया के तहत हो रहा है। पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष के दिशा निर्देशन में ही यूपी के कुछ स्थानों पर पार्टी उम्मीदवार का ऐलान के लिए जनसभा कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर आए दिन फिजूल बातें करना ठीक नहीं है। पार्टी के लोग ऐसे शरारती व जातिवादी तत्वों से हमेशा सावधान रहें।