प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (2 अगस्त 2026) ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा संकल्प अभियान’ का शुभारम्भ करेंगे। मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ 100 सप्ताह के इस राष्ट्रव्यापी जन भागीदारी अभियान के तहत देशभर में करीब 10,000 स्थानों पर एक साथ एक करोड़ से अधिक युवा नशा मुक्ति की शपथ लेंगे। अभियान का उद्देश्य युवाओं की सक्रिय भागीदारी के जरिए नशा मुक्त भारत और विकसित भारत 2047 के संकल्प को जन आंदोलन का स्वरूप देना है।
युवाओं से जन आंदोलन का नेतृत्व करने का आह्वान
प्रधानमंत्री के आह्वान पर ‘माय भारत’ के नेतृत्व में यह राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया जाएगा। इसमें देशभर के युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के जरिए जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता और निरंतर जन भागीदारी को बढ़ावा देते हुए युवाओं को नशा मुक्त भारत के निर्माण के लिए सामूहिक राष्ट्रीय मिशन से जोड़ा जाएगा।
10,000 स्थानों पर एक साथ होगी शपथ
पीएम नरेंद्र मोदी के संबोधन से प्रेरित होकर देशभर में करीब 10,000 स्थानों पर एक साथ शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किए जाएंगे। इनमें एक करोड़ से अधिक युवा नशा मुक्ति की शपथ लेकर नशा मुक्त समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराएंगे। युवा स्वयंसेवक राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प भी लेंगे।
माय भारत से लेकर एनएसएस तक व्यापक भागीदारी
अभियान में माय भारत स्वयंसेवकों के साथ भारत राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवक, युवा क्लब, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, गैर-सरकारी संगठन और औद्योगिक संघ शामिल होंगे। इसके अलावा 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठनों की भागीदारी भी होगी। इससे अभियान को देश में मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ युवाओं के नेतृत्व वाले बड़े जन आंदोलनों में शामिल करने की तैयारी है।
100 सप्ताह तक चलेगा जन भागीदारी अभियान
पारंपरिक जागरूकता कार्यक्रमों से अलग इस अभियान को 100 सप्ताह के सतत जन भागीदारी आंदोलन के रूप में तैयार किया गया है। अगले 100 सप्ताह तक प्रत्येक रविवार को देशभर में युवाओं के नेतृत्व में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनका उद्देश्य स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देना, सामुदायिक भागीदारी मजबूत करना और युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक राष्ट्र निर्माण की दिशा में लगाना है।
खेल से नुक्कड़ नाटक तक होंगी गतिविधियां
अभियान के तहत खेल प्रतियोगिताएं, पैदल मार्च, ध्यान सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम, कला एवं रचनात्मक प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक और जागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे। इनके जरिए मादक पदार्थों के सेवन के हानिकारक प्रभावों के प्रति समाज को संवेदनशील बनाने के साथ सकारात्मक सामाजिक मूल्यों को बढ़ावा दिया जाएगा।
50वें, 75वें और 100वें सप्ताह पर सम्मान
अभियान में निरंतर भागीदारी और उत्कृष्ट योगदान को प्रोत्साहित करने के लिए स्वयंसेवकों तथा संगठनों को 50वें, 75वें और 100वें सप्ताह के पड़ाव पर सम्मानित किया जाएगा। इसके जरिए सार्वजनिक सेवा और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
मांडविया ने युवाओं से आंदोलन में शामिल होने की अपील की
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने देशभर के युवाओं और सामाजिक संगठनों से राष्ट्रीय हित में प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन करने और अभियान में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि लाखों युवाओं, संस्थानों और सामुदायिक संगठनों के सामूहिक प्रयासों से इसे राष्ट्रव्यापी सामाजिक आंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है।
नशा छोड़ने और स्वस्थ भारत बनाने का संदेश
अभियान का उद्देश्य लोगों को मादक पदार्थों का सेवन छोड़ने और स्वस्थ, मजबूत तथा विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करना है। यह पहल मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई को नागरिकों की सक्रिय भागीदारी वाले जन आंदोलन में बदलने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाती है।
‘नशा मुक्त युवा’ को बताया विकसित भारत की शक्ति
‘विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति नशा मुक्त युवा हैं’ के संदेश के साथ यह अभियान राष्ट्रीय संकल्प को गांव, कस्बे और शहर तक पहुंचाने का प्रयास करेगा। इसके जरिए युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देकर नशा मुक्त भारत के निर्माण और विकसित भारत 2047 की यात्रा को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।