Sunday, August 16, 2026
BREAKING
"खरगे जी,कांग्रेस ने देश को क्या दिया बताने के साथ विभाजन और 1984 का भी हिसाब बताये", अनिल विज ने जमकर साधा निशाना हांसी में CM के प्रोग्राम का विरोध का मामला; पुलिस ने करीब 200 लोगों पर किया मामला दर्ज, जीवन कुंडू हत्याकांड का कर रहे थे विरोध Haryana में 29 गांवों में जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक, सरकार ने लिया बड़ा फैसला... जानिए क्या है वजह आम जनता को बड़ा तोहफा, Independence Day पर हरियाणा के 23 जिलों में शुरू हुई मुफ्त एम्बुलेंस सेवा पिछले 12 वर्षों में Haryana ने विकास के हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए, स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बोले CM सैनी छोटी उम्र में सफर शुरु किया...आज 96 की उम्र में बीन वादक हवा सिंह को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया सम्मानित; CM सैनी ने दी बधाई 'आज दिन चढ़या'... पहली फिल्म से बाहर, फिर 'लंगड़ा त्यागी' ने जीती सबसे बड़ी 'लड़ैया' हेमलता बाली : 'अंखियों के झरोखों से' मिली प्रसिद्धि, 38 भाषाओं में गाए 5 हजार से अधिक गाने स्वतंत्रता दिवस पर राज्यपाल का संदेश, पंजाबवासियों से की खास अपील महेश मांजरेकर बहुमुखी प्रतिभा के धनी, राजनीति में भी आजमाया किस्मत

धर्म

महाशिवरात्रि: त्रिशूल, चंद्र और सूर्य के दिव्य शृंगार में सजे बाबा महाकाल, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

15 फ़रवरी, 2026 02:38 PM

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बाबा महाकालेश्वर मंदिर शिवभक्ति के रंग में पूरी तरह सराबोर दिखाई दिया। ‘हर-हर महादेव’ के गगनभेदी जयघोष के बीच श्रद्धालुओं का सैलाब रात से ही दर्शन के लिए उमड़ पड़ा। मंदिर के बाहर लंबी कतारें लग गईं, वहीं मंदिर प्रशासन ने सुव्यवस्थित एवं सुलभ दर्शन सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्थाएं कीं। प्रशासन के अनुमान के अनुसार, महाशिवरात्रि के इस महापर्व पर दस लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंच सकते हैं। श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा है।

इस अवसर पर बाबा महाकाल को दूल्हे के रूप में अलौकिक और दुर्लभ शृंगार में सजाया गया। माथे पर त्रिशूल और चंद्रमा को अर्पित करते हुए किया गया यह विशेष शृंगार वर्ष में केवल एक बार ही संपन्न होता है। मंदिर के पुजारी के अनुसार, यह शृंगार शिव-पार्वती के दिव्य विवाह और शिवत्व के सौम्य-उग्र संतुलन का प्रतीक माना जाता है। महाशिवरात्रि की इस आध्यात्मिक रात्रि में उज्जैन नगरी श्रद्धा, साधना और शिवमय चेतना का जीवंत प्रतीक बन गई है।

महाशिवरात्रि के अवसर पर एक पुजारी ने बताया कि “बाबा महाकाल के प्रांगण में शिव नवरात्रि और महाशिवरात्रि का उत्सव अत्यंत श्रद्धापूर्वक मनाया जा रहा है। लगातार 44 घंटे तक बाबा का दरबार भक्तों के लिए खुला रहेगा और भव्य तरीके से बाबा की भस्म आरती की गई है। भक्त आज बाबा पर दूध, दही और जल अर्पित कर सकते हैं और पूरे दिन बाबा का कपाट बंद नहीं होंगे और विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे।”

उन्होंने आगे बताया, महाशिवरात्रि पर बाबा के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से भक्त आए हैं और पूरी सुरक्षा के साथ भक्तों को कतार के साथ बारी-बारी से दर्शन कराए जा रहे हैं। मंदिर में भीड़ सामान्य दिनों की तुलना में बहुत ज्यादा है। भक्त रात से ही लाइनों में लगे हैं और अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे हैं।

आज के बाबा के विशेष अनुष्ठान को लेकर पुजारी ने कहा, “दूध, दही, और गंगाजल से बाबा का विशेष पंचामृत अभिषेक किया गया है और फलों के रस से भी स्नान कराया गया है। भांग से बाबा का विशेष शृंगार हुआ है और उनके माथे पर सेहरानुमा मुकुट और माथे पर त्रिशूल, चांद, और सूरज को अर्पित किया गया है। ये प्रतीक है कि दिन और रात सब कुछ उन्हीं का है, जिसके बाद बाबा का होल्कर का अभिषेक होगा। शाम के समय बाबा की विशेष पूजा होगी जो अगले दिन प्रात: काल तक चलेगी और बाबा को प्रकृति सेहरा अर्पित किया जाएगा। इसके साथ ही 16 फरवरी को भस्म आरती 12 बजे की जाएगी और ऐसा साल में एक बार ही किया जाता है।”

मंदिर प्रशासन की माने तो 15 फरवरी और 16 फरवरी को मंदिर में 10 लाख से ज्यादा भक्त दर्शन के लिए आ सकते हैं। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करते हुए श्रद्धालुओं के लिए मेडिकल से लेकर सुलभ दर्शन की तैयारी हो चुकी है। ट्रैफिक भी डायवर्ट किया गया है और परिसर के अंदर से लेकर बाहर तक पुलिस बल की तैनाती भी बढ़ा दी है।

Have something to say? Post your comment

और धर्म खबरें

गुरु पूर्णिमा पर योगी आदित्यनाथ समेत कई मुख्यमंत्रियों ने गुरुजनों के प्रति जताई श्रद्धा और कृतज्ञता

गुरु पूर्णिमा पर योगी आदित्यनाथ समेत कई मुख्यमंत्रियों ने गुरुजनों के प्रति जताई श्रद्धा और कृतज्ञता

प्रयागराज में गुरु पूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई पवित्र डुबकी

प्रयागराज में गुरु पूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई पवित्र डुबकी

भारत में कब दिखेगा अगला सूर्य और चंद्र ग्रहण? जानें तारीख, समय और विजिबिलिटी

भारत में कब दिखेगा अगला सूर्य और चंद्र ग्रहण? जानें तारीख, समय और विजिबिलिटी

साप्ताहिक राशिफल 6-12 जुलाई 2026: जुलाई के दूसरे सप्ताह में किस राशि को होगा लाभ, किसकी बढ़ेंगी मुश्किलें

साप्ताहिक राशिफल 6-12 जुलाई 2026: जुलाई के दूसरे सप्ताह में किस राशि को होगा लाभ, किसकी बढ़ेंगी मुश्किलें

गुरुपूर्णिमा महोत्सव कार्यक्रम सन्त सुधांशुाजी महाराज के सानिध्य में 4 और 5 जुलाई को

गुरुपूर्णिमा महोत्सव कार्यक्रम सन्त सुधांशुाजी महाराज के सानिध्य में 4 और 5 जुलाई को

मोरक्को से आया धमाकों का ईमेल, केदारनाथ-बदरीनाथ समेत पूरे उत्तराखंड को दहलाने की थी धमकी

मोरक्को से आया धमाकों का ईमेल, केदारनाथ-बदरीनाथ समेत पूरे उत्तराखंड को दहलाने की थी धमकी

वाराणसी की मस्जिद को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने की कोशिश, पाकिस्तानी राष्ट्रपति जरदारी की हरकत

वाराणसी की मस्जिद को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने की कोशिश, पाकिस्तानी राष्ट्रपति जरदारी की हरकत

मंगल का वृषभ राशि में गोचर, इन राशियों को होगा लाभ, कुछ रहें सावधान

मंगल का वृषभ राशि में गोचर, इन राशियों को होगा लाभ, कुछ रहें सावधान

9 जून 2026 का पंचांग: भूलकर भी इस समय शुरू न करें कोई नया काम, मीन राशि में रहेगा चंद्रमा का प्रभाव

9 जून 2026 का पंचांग: भूलकर भी इस समय शुरू न करें कोई नया काम, मीन राशि में रहेगा चंद्रमा का प्रभाव

अचानक बीच में ही रोकी गई केदारनाथ यात्रा, आखिर क्या वजह? सुरक्षित स्थानों पर रोके गए श्रद्धालु

अचानक बीच में ही रोकी गई केदारनाथ यात्रा, आखिर क्या वजह? सुरक्षित स्थानों पर रोके गए श्रद्धालु