चंडीगढ़ : पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि करनाल समेत प्रदेश की विभिन्न मंडियों में मक्का की आवक जोरों पर है। बावजूद इसके अब तक सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है। इसके चलते किसानों को लगभग ₹1000 कम रेट पर अपनी फसल बेचनी पड़ रही है। मक्का की एमएसपी कागजों में 2410 रुपये है, जबकि किसानों को मार्केट में 1100 से लेकर 2000 रुपये तक ही मिल रहे हैं। सरकारी खरीद नहीं होने की वजह से किसान प्राइवेट एजेंसियों को मक्का बेचने के लिए मजबूर हैं। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रत्येक फसली सीजन में सरकार किसानों को इसी तरह लूटती है। जब आवक जोरों पर होती है, तब सरकारी खरीद नहीं की जाती। इसके चलते मार्केट में फसल का रेट बहुत नीचे आ जाता है, जिसका फायदा प्राइवेट एजेंसी उठाती है। और किसानों को कई-कई सौ रुपए प्रति क्विंटल का घाटा होता है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जल्द से जल्द मक्का की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग उठाई है। साथ ही उन्होंने कहा है कि अब तक जिन किसानों ने मजबूरी में कम रेट पर प्राइवेट एजेंसियों को फसल बची है, उनको हुए घाटे की भी भरपाई सरकार को करनी चाहिए।