नई दिल्ली(एजेंसी) : विश्व बैंक की World Development Report 2026 के अनुसार, विकासशील देश AI से सबसे बड़ा फायदा मौजूदा AI टूल्स को स्थानीय जरूरतों के अनुसार अपनाकर हासिल कर सकते हैं। इसके लिए उन्नत AI सिस्टम को शुरुआत से विकसित करने पर अरबों डॉलर खर्च करने की जरूरत नहीं है।
रिपोर्ट में सरकारों से सस्ती AI एप्लिकेशन पर ध्यान देने, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल्स को मजबूत करने तथा सार्वजनिक सेवाओं में प्रभावी साबित हो चुके समाधानों को बड़े स्तर पर लागू करने की अपील की गई है।
रिपोर्ट ने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि AI आधारित मौसम पूर्वानुमान 3 करोड़ से ज्यादा किसानों तक पहुंचा। इससे ज्यादातर किसानों को बारिश के मौसम की पहले की तुलना में अधिक समय रहते भविष्यवाणी उपलब्ध हुई।
विश्व बैंक ने अन्य विकासशील देशों में AI के इस्तेमाल के उदाहरण भी दिए। केन्या में न्यायपालिका ने एक predictive AI algorithm का इस्तेमाल कर हर साल 10,000 से ज्यादा मामलों को 1,500 से अधिक मध्यस्थों के बीच बांटने में मदद ली, जिससे लंबित मामलों का बोझ कम करने में सहायता मिली। वहीं, बांग्लादेश में AI से तैयार मेडिकल इमेजिंग के इस्तेमाल से डायबिटीज की एक जटिलता के लिए रोजाना जांच किए जाने वाले मरीजों की संख्या 39.5 प्रतिशत बढ़ी।
रिपोर्ट के अनुसार, सार्वजनिक सेवाओं के बैक-एंड संचालन में इस्तेमाल होने वाली predictive AI से कई महत्वपूर्ण फायदे मिले हैं। वहीं, AI पर चर्चा में frontline services के लिए जनरेटिव AI पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है।
विश्व बैंक ने कहा कि विदेशों में विकसित तकनीक को केवल अपनाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उसे स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार ढालना जरूरी है। रिपोर्ट के अनुसार, AI context-specific है और विदेशों से AI अपनाना अपने आप में पर्याप्त नहीं होगा।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि विकासशील देशों में AI के कारण नौकरियों पर तत्काल असर का जोखिम विकसित अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में कम है, क्योंकि यहां AI के इस्तेमाल के लिए उपयुक्त नौकरियों का हिस्सा अपेक्षाकृत कम है।
हालांकि, बिजली, इंटरनेट और जरूरी स्किल्स जैसे बुनियादी समर्थन के बिना AI के फायदे धीरे-धीरे सामने आएंगे। कारोबारों ने AI समाधानों को अपनाने या उनका विस्तार करने में जानकारी की कमी को भी एक महत्वपूर्ण बाधा बताया है।
सरकारों के लिए रिपोर्ट में छोटे AI निवेश के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल्स उपलब्ध कराने तथा प्रभावी समाधानों को बड़े स्तर पर लागू करने के लिए सार्वजनिक खरीद का इस्तेमाल करने की सिफारिश की गई है। साथ ही, सीमित विश्वसनीय प्रमाणों के बीच AI पायलट प्रोजेक्ट्स को खरीदने, उनका मूल्यांकन करने और उन्हें बड़े स्तर पर लागू करने के लिए फ्रेमवर्क तैयार करने की बात कही गई है।
नियमन के मामले में विश्व बैंक ने स्वैच्छिक मानकों और लचीले नियमों से शुरुआत करने तथा मौजूदा कानूनों के आधार पर भरोसेमंद AI विकसित करने की सलाह दी है। रिपोर्ट ने अमेरिका और चीन में प्रमुख AI कंपनियों के केंद्रीकरण से पैदा होने वाले निर्भरता जोखिमों को संभालने के लिए interoperable AI systems को बढ़ावा देने की भी वकालत की है।