भारत के चीन में राजदूत विक्रम दोरैस्वामी ने गुरुवार को चीन के फुजियान प्रांत के क्वानझोउ में पार्टी सचिव झांग यिगोंग से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा करते हुए भारत-चीन संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।
व्यापार और सांस्कृतिक सहयोग पर चर्चा
बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि राजदूत दोरैस्वामी और झांग यिगोंग के बीच सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश और संस्कृति के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग के विस्तार पर विचार-विमर्श किया। साथ ही भारत और क्वानझोउ के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए इन्हें भविष्य के सहयोग का मजबूत आधार बताया।
7वीं सदी के काइयुआन मंदिर का किया दौरा
राजदूत दोरैस्वामी और भारत के महावाणिज्य दूत गिंस मैटम ने क्वानझोउ स्थित 7वीं सदी के प्रसिद्ध काइयुआन मंदिर का भी दौरा किया। मंदिर के मुख्य मोंक वेन शी दे शेंग ने उनका स्वागत किया। भारतीय दूतावास के अनुसार, काइयुआन मंदिर भारत और चीन के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है। इसकी कला और वास्तुकला में स्थानीय चीनी शैली के साथ प्राचीन भारतीय परंपराओं की स्पष्ट झलक दिखाई देती है।
सीपीआईएफए प्रमुख से भी हुई मुलाकात
इससे पहले बुधवार को राजदूत दोरैस्वामी ने चाइनीज पीपल्स इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन अफेयर्स (सीपीआईएफए) के अध्यक्ष वू केन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ट्रैक-2 और ट्रैक-1.5 संवादों के माध्यम से दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर संपर्क बढ़ाने में संस्थान की भूमिका की सराहना की।
उपविदेश मंत्री हुआ चुनयिंग से भी हुई थी बातचीत
सप्ताह की शुरुआत में राजदूत दोरैस्वामी ने चीन के विदेश मंत्रालय की उपमंत्री हुआ चुनयिंग से अपनी पहली औपचारिक मुलाकात की थी। दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व की उस साझा सोच को आगे बढ़ाया जाए, जिसका उद्देश्य भारत और चीन के बीच स्थिर, सकारात्मक और पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंध विकसित करना है।