भारतीय इक्विटी बाजारों ने शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में मामूली बढ़त के साथ शुरुआत की। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता का बाजार की धारणा पर दबाव बना हुआ है।
सुबह 9:24 बजे सेंसेक्स 96 अंक यानी 0.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,676 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 20 अंक यानी 0.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,084 पर था।
प्रमुख ब्रॉड-कैप इंडेक्सों का प्रदर्शन भी बेंचमार्क इंडेक्सों के अनुरूप रहा। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.03 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.06 प्रतिशत की तेजी रही।
NSE के सेक्टोरल इंडेक्सों में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। IT, FMCG, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और हेल्थकेयर सेक्टर नुकसान में रहे। निफ्टी IT 1.37 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे ज्यादा नुकसान में रहा। वहीं निफ्टी रियल्टी 0.59 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे अधिक लाभ में रहा।
अमेरिका की 10 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.20 प्रतिशत के स्तर से ऊपर चली गई है और कई वर्षों के उच्च स्तर के करीब बनी हुई है। इससे वैश्विक वित्तीय परिस्थितियों पर दबाव बढ़ रहा है और उभरते बाजारों की इक्विटी का सापेक्ष आकर्षण कम हो रहा है।
भू-राजनीतिक मोर्चे पर अनिश्चितता अभी भी ऊंची बनी हुई है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक प्रगति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। नए सिरे से बढ़े तनाव और ऊर्जा आपूर्ति मार्गों से जुड़े लगातार जोखिमों के कारण वैश्विक निवेशक सतर्क बने हुए हैं।
पिछले कारोबारी सत्र में निफ्टी 1.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,063 पर बंद हुआ था। तत्काल सपोर्ट 22,800-23,000 के स्तर पर है, जबकि रेजिस्टेंस 23,250-23,300 के स्तर पर देखा जा रहा है।
बैंक निफ्टी 1.96 प्रतिशत की गिरावट के साथ 55,438 पर बंद हुआ था। इसका तत्काल सपोर्ट 55,000-55,200 के स्तर पर है, जबकि रेजिस्टेंस 55,800-56,000 के स्तर पर है।
एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई इंडेक्स 1.04 प्रतिशत और शेनझेन 2.34 प्रतिशत गिरा। जापान का निक्केई 1.23 प्रतिशत चढ़ा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 1.77 प्रतिशत गिरा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.9 प्रतिशत बढ़ा।
अमेरिकी बाजार गुरुवार रात ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि नैस्डैक में 0.01 प्रतिशत की मामूली बढ़त रही। S&P 500 में 0.02 प्रतिशत और डॉव जोन्स में 0.31 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
24 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 5,027 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी की शुद्ध बिक्री की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 4,301 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी।