हरियाणा के सियासी गलियारों से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। देश की राजधानी दिल्ली में एक ऐसी अहम मुलाकात हुई है, जिसने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। हरियाणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने हरियाणा बीजेपी के प्रभारी सतीश पूनिया से मुलाकात की है। इस अचानक हुई मुलाकात के बाद से ही हरियाणा की राजनीतिक हवाओं में कयासों का दौर शुरू हो गया है।
क्या हैं इस मुलाकात के सियासी मायने?
चौधरी बीरेंद्र सिंह का हरियाणा की राजनीति में एक बड़ा कद है। वह पहले भी बीजेपी का हिस्सा रह चुके हैं और बाद में कांग्रेस में शामिल हुए थे। ऐसे में उनके और बीजेपी प्रभारी सतीश पूनिया के बीच हुई इस मुलाकात को महज एक 'शिष्टाचार भेंट' के रूप में नहीं देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बैठक के पीछे राज्य के नए सियासी समीकरणों की बिसात छिपी हो सकती है। हालांकि, दोनों ही नेताओं की तरफ से अभी तक इस मुलाकात के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
चौधरी बिजेंद्र सिंह ने बताया कि सतीश पूनिया जी से मेरा और मेरे परिवार का कई वर्षों पुराना गहरा संबंध है। चूंकि वे हाल ही में राज्यसभा सदस्य चुने गए हैं, इसलिए मैं उन्हें सिर्फ बधाई देने गया था। यह पूरी तरह से एक सामाजिक और शिष्टाचार मुलाकात थी, जिसका कोई राजनीतिक मतलब नहीं है।"
कांग्रेस में बने रहने का संकल्प
मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में शुरू हुई अटकलों पर विराम लगाते हुए चौधरी बिजेंद्र सिंह ने दोटूक कहा कि वे अभी भी कांग्रेस पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भविष्य में भी कांग्रेस पार्टी के साथ ही सक्रिय रहेंगे और उनका राजनीतिक सफर कांग्रेस के साथ ही आगे जारी रहेगा।