फरीदाबाद : हरियाणा के फरीदाबाद में एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक पिता ने अपने दो मासूम बच्चों के साथ आगरा नहर में छलांग लगा दी। इस भयावह घटना में 9 साल का बड़ा बेटा 'सम्राट' कुदरत के करिश्मे और अपनी हिम्मत से मौत को मात देकर सुरक्षित बाहर निकल आया है, जबकि पिता और 5 साल के छोटे बेटे की तलाश जारी है। रविवार रात करीब 9 बजे सिविल इंजीनियर भगवत दयाल अपने दोनों बेटों को बाजार घुमाने के बहाने घर से लेकर निकला था। डीग-फतेहपुर बिल्लोच पुल पर पहुँचकर उसने पहले बड़े बेटे सम्राट को नहर में फेंका और फिर छोटे बेटे युग को गोद में लेकर खुद भी कूद गया।
संघर्ष : पानी की तेज धार में सम्राट करीब 5 किलोमीटर तक बहता रहा।
सहारा : मांदकौल गांव के पास उसे पानी में डूबी एक पेड़ की टहनी दिखी, जिसे उसने मजबूती से थाम लिया।
धैर्य : वह मासूम पूरी रात (करीब 9 घंटे) ठंडे पानी के बीच उसी टहनी के सहारे लटका रहा।
पैरोल पर आए युवक ने दी 'नई जिंदगी'
सोमवार सुबह करीब 7 बजे, जेल से पैरोल पर बाहर आए राजेंद्र (23) ने नहर किनारे से बच्चे की सिसकियाँ सुनीं। राजेंद्र ने बिना अपनी जान की परवाह किए साथियों के साथ नहर में छलांग लगा दी और बच्चे को बाहर निकाला।
"बच्चे का शरीर पानी में रहने के कारण सफेद पड़ चुका था। हमने उसे घर ले जाकर गरम कपड़े पहनाए, चाय पिलाई और कंबल में लपेटा। जब वह सामान्य हुआ तो उसने बताया— 'पापा ने धक्का दिया था'।" — राजेंद्र (बचाने वाला युवक)
पारिवारिक विवाद बना वजह!
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि भगवत दयाल का अपनी पत्नी के साथ विवाद चल रहा था। भगवत अहमदाबाद की एक कंपनी में सिविल इंजीनियर है। परिजनों के अनुसार, उसने पिछले 4 साल से अपने माता-पिता से भी बात नहीं की थी।
सर्च ऑपरेशन जारी
बल्लभगढ़ सदर थाना पुलिस और SDRF की टीमें लगातार नहर में सर्च अभियान चला रही हैं। पिता भगवत दयाल और छोटे बेटे युग का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। बड़ा बेटा सम्राट अब सुरक्षित है और अपने परिवार के पास है।