जीरकपुर (अवतार सिंह पाबला) : जीरकपुर से गांव नगला को जोड़ने वाली मुख्य सड़क इस समय स्थानीय प्रशासन और ठेकेदारों की बड़ी लापरवाही का प्रतीक बनी हुई है। बाजीगर बस्ती के ठीक सामने मुख्य सड़क पर कई फुट गहरा पानी जमा है और सड़क धंस चुकी है, जिससे रोजाना गुजरने वाले राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि यह सड़क अब विकास का प्रतीक बनने के बजाय सीधे तौर पर गंभीर हादसों को न्योता दे रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस सड़क का निर्माण कुछ ही महीने पहले इंटरलॉकिंग टाइलें बिछाकर बड़े स्तर पर किया गया था। सड़क निर्माण से पहले यहां विधिवत सीवरेज लाइन भी डाली गई थी ताकि पानी की निकासी सुचारु रूप से हो सके। लेकिन सड़क तैयार होने के बाद पहली ही बारिश और यातायात के दबाव ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी है।
सड़क निर्माण के दौरान सबसे बड़ी लापरवाही इसकी लेवलिंग में बरती गई है। जहां-जहां सीवरेज लाइन के मैनहोल बनाए गए थे, उन सभी स्थानों पर सड़क बुरी तरह धंस गई है। सही लेवलिंग न होने के कारण सड़क कहीं ऊंची तो कहीं काफी नीची हो गई है। इन नीचले हिस्सों में बारिश और गंदा पानी कई फुट तक जमा हो जाता है, जिससे वाहन चालकों को सड़क और गड्ढों के बीच अंतर दिखाई नहीं देता। सड़क की इस बदहाल स्थिति के कारण अब तक कई दोपहिया वाहन चालक संतुलन बिगड़ने से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। विशेष रूप से स्कूली बच्चों और महिलाओं के लिए इस सड़क से गुजरना किसी खतरे से कम नहीं है। वहीं, सड़क पर दिन-रात पानी भरा रहने और निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण यहां मक्खियों और मच्छरों की भरमार हो गई है। बाजीगर बस्ती के निवासियों ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि जल्द ही जलभराव की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बस्ती में डेंगू, मलेरिया और डायरिया जैसी गंभीर बीमारियां महामारी का रूप ले सकती हैं। उन्होंने कहा कि बस्ती के लोग लगातार भय के साये में जीवन जीने को मजबूर हैं। क्षेत्रवासियों और राहगीरों ने नगर परिषद तथा संबंधित उच्च अधिकारियों से मांग की है कि सड़क की दोबारा सही लेवलिंग कराई जाए, धंसे हुए मैनहोलों की मरम्मत कराई जाए और पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान से बचा जा सके।