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बाज़ार

पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कटौती से केंद्र पर 30,000 करोड़ रुपए का बोझ, उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ा असर

23 मई, 2026 05:16 PM

नई दिल्ली;  27 मार्च 2026 को पेट्रोल और डीजल पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (एसएईडी) में की गई कटौती से चालू वित्त वर्ष में केंद्र सरकार के खजाने पर करीब 30,000 करोड़ रुपए का बोझ पड़ा। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों का असर उपभोक्ताओं पर नहीं डाला गया और यह बोझ सरकार ने खुद उठाया।

होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के बीच एसएईडी में कटौती के बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर 3 रुपए प्रति लीटर कर दी गई, जबकि डीजल पर एक्साइज ड्यूटी शून्य कर दी गई।

कांग्रेस का तर्क है कि मई 2014 में पेट्रोल की कीमत लगभग 71 रुपए प्रति लीटर थी, जबकि आज यह करीब 98 रुपए प्रति लीटर है। पार्टी इस अंतर को ज्यादा टैक्स वसूली का प्रमाण बता रही है।

हालांकि, सूत्रों के मुताबिक यह तर्क इस बात पर निर्भर करता है कि मई 2014 की कीमत को किस नजरिए से देखा जाए। वह कीमत पेट्रोल की वास्तविक आपूर्ति लागत नहीं थी। वह कीमत उस समय बनी थी जब यूपीए सरकार ने 2005 से 2010 के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों को मूल्य अंतर की भरपाई के बदले करीब 1.34 लाख करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे।

2014 की कीमत दरअसल अगली पीढ़ी के उपभोक्ताओं पर डाला गया स्थगित टैक्स बोझ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार इन बॉन्ड्स का भुगतान कर रही है। सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 में करीब 10,000 करोड़ रुपए, 2023-24 में 31,150 करोड़ रुपए, 2024-25 में 52,860 करोड़ रुपए और 2025-26 में 36,913 करोड़ रुपए चुकाए हैं। इसके अलावा हजारों करोड़ रुपए का ब्याज भी दिया गया है।

सूत्रों के अनुसार, जिस कीमत का कांग्रेस आज उदाहरण दे रही है, उसका भुगतान मौजूदा सरकार पिछले कई वर्षों से पिछली सरकार की ओर से कर रही थी।

मौजूदा सरकार ने कीमतों के झटके को संभालने के लिए अलग तरीका अपनाया।

जब 2022 और फिर 2026 में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं, तब केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटा दी।

यह कटौती सीधे तौर पर, पारदर्शी तरीके से और बजट के भीतर की गई, जिसका असर एक दिन के अंदर पेट्रोल पंपों पर दिखाई दिया। सरकार ने राजस्व में कमी को खुद स्वीकार किया। सूत्रों के अनुसार, कोई नया बॉन्ड जारी नहीं किया गया और न ही भविष्य के करदाताओं पर कोई अतिरिक्त बोझ डाला गया।

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