मंगलवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) संसदीय दल की साप्ताहिक ‘मंगल मिलन’ बैठक हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिस्सा लिया। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और NDA के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। यह बैठक संसद लाइब्रेरी बिल्डिंग के जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित की गई। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी उपस्थित थे।
NCPI सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय पहली बार पहुंचे
बैठक से पहले नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय भी संसद लाइब्रेरी बिल्डिंग पहुंचे। बैठक से पहले उन्होंने कहा, “मैं आज पहली बार NDA संसदीय दल की बैठक में शामिल हो रहा हूं। मैं देश के सबसे वरिष्ठ सांसदों में से एक हूँ। NCPI में सभी एकजुट हैं।”
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह हुई NDA की ‘मंगल मिलन’ बैठक में अल्पसंख्यक समुदाय से ताल्लुक रखने वाले NCPI के तीन नेता—अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान—शामिल नहीं हुए थे। पार्टी ने मतभेद की अटकलों को खारिज करने की कोशिश की है, जबकि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का दावा है कि ये तीनों सांसद भाजपा के नेतृत्व वाले NDA में शामिल नहीं होना चाहते। विधानसभा चुनावों में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के बीस बागी सांसदों ने पार्टी छोड़कर NCPI में शामिल होने की घोषणा की थी और कहा था कि वे NDA का समर्थन करेंगे।
मंत्रियों ने दिए संबोधन
बैठक का समापन केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में गठबंधन के सांसदों को संबोधित करने के साथ हुआ। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत के हालिया मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) की सफलता और रणनीतिक प्रभाव के बारे में पार्टी सदस्यों को अवगत कराया। वहीं, केंद्रीय पंचायती राज तथा मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने देश के मत्स्य पालन क्षेत्र के विकास, सरकारी पहलों और भविष्य के रोडमैप पर बात की।
ज्ञात हो, NDA की यह साप्ताहिक ‘मंगल मिलन’ बैठक तूफानी मानसून सत्र के दौरान हो रही है। इस सत्र में परीक्षा सुधार, छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष का विरोध और राम मंदिर चंदा मामला प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं।