भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत में घरों की कीमतों में सालाना वृद्धि घटकर 3.6 प्रतिशत रह गई। पिछली तिमाही में यह वृद्धि 4.5 प्रतिशत थी।
RBI का अखिल भारतीय हाउस प्राइस इंडेक्स (HPI) वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 117.5 पर रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 1.1 प्रतिशत अधिक है। वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में यह सूचकांक 116.2 और पहली तिमाही में 113.4 पर था।
RBI ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में HPI में सालाना 3.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह वृद्धि पिछले वर्ष की इसी तिमाही के समान रही। चंडीगढ़, जयपुर, कानपुर, लखनऊ और तिरुवनंतपुरम जैसे शहरों ने इस वृद्धि में प्रमुख योगदान दिया।
आंकड़ों के अनुसार, घरों की कीमतों में सालाना वृद्धि की रफ्तार पिछली तिमाही की तुलना में धीमी हुई है, जब HPI में 4.5 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई थी। हालांकि, नवीनतम वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 3.6 प्रतिशत के बराबर है।
तिमाही आधार पर वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में अखिल भारतीय HPI में 1.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि पहली तिमाही में अखिल भारतीय HPI 1.1 प्रतिशत बढ़कर 117.5 पर पहुंचा। इस वृद्धि में मुख्य रूप से चंडीगढ़, लखनऊ और तिरुवनंतपुरम जैसे शहरों में सूचकांक की बढ़ोतरी का योगदान रहा।
RBI हर तिमाही संपत्ति पंजीकरण प्राधिकरणों से प्राप्त लेनदेन-स्तरीय आंकड़ों के आधार पर हाउस प्राइस इंडेक्स तैयार करता है। नवीनतम सूचकांक का आधार वर्ष 2022-23 है और इसमें देश के 18 प्रमुख शहरों को शामिल किया गया है।
इन शहरों में मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, लखनऊ, अहमदाबाद, जयपुर, कानपुर, कोच्चि, हैदराबाद, तिरुवनंतपुरम, पुणे, गाजियाबाद, ठाणे, गौतम बुद्ध नगर, चंडीगढ़ और नागपुर शामिल हैं।
यह सूचकांक RBI द्वारा शामिल किए गए शहरों में पंजीकृत आवासीय संपत्तियों के लेनदेन के आधार पर घरों की कीमतों में होने वाले बदलाव का संकेत देता है।
नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि इन शहरों में घरों की कीमतों में वृद्धि जारी रही, लेकिन जून तिमाही में कीमतों की सालाना वृद्धि की रफ्तार पिछली तिमाही की तुलना में धीमी रही।