पटियाला : पंजाब में धान (रोपाई) के सीजन के चरम की ओर बढ़ने के साथ ही आज बिजली की मांग 17,000 मेगावाट का आंकड़ा पार कर गई। मौजूदा सीजन में यह अब तक की सबसे अधिक बिजली मांग है। आज शाम करीब 4:45 बजे बिजली की मांग 17,147 मेगावाट दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष 5 जुलाई को अधिकतम मांग 17,300 मेगावाट दर्ज हुई थी। बिजली विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार पंजाब में बिजली की मांग 18,000 मेगावाट का आंकड़ा भी पार कर सकती है। पंजाब ने 17,147 मेगावाट की मांग पूरी करने के लिए केंद्रीय बिजली पूल से निर्धारित मात्रा से अधिक बिजली (ओवरड्रॉ) ली। इस समय केंद्रीय पूल से 10,594 मेगावाट बिजली निर्धारित थी, जबकि पंजाब ने 11,359 मेगावाट बिजली प्राप्त की। इस तरह 765 मेगावाट अतिरिक्त बिजली लेकर मांग को पूरा किया गया।
बिजली कटौती से बढ़ी परेशानी
बढ़ी हुई बिजली मांग को पूरा करने में असफल रहने पर पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) ने लगभग सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए बिजली कटौती लागू कर दी। इसका सबसे अधिक असर कृषि क्षेत्र पर पड़ा है, जहां धान का सीजन होने के कारण निर्बाध बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी है। पावरकॉम ने किसानों को दिन में 8 घंटे बिजली देने का वादा किया था, लेकिन कृषि क्षेत्र को केवल 2 से 4 घंटे ही बिजली मिल रही है। इससे नाराज किसान पंजाब के विभिन्न बिजलीघरों के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं और पावरकॉम के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। दूसरी ओर, इस बार बारिश की कमी ने भी किसानों की समस्याएं बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है और मानसून की बारिश में भी देरी हो रही है। इसके चलते कृषि क्षेत्र के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।