शिमला। हिमाचल प्रदेश जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्य केसर नेगी ने नौतोड़ के लंबित मामलों को लेकर राज्यपाल पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नौतोड़ बहाली से संबंधित विधेयक को मंजूरी न मिलने से जनजातीय क्षेत्रों के हजारों लोगों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकभवन भाजपा के प्रभाव में काम कर रहा है और इस मामले में राज्यपाल की चुप्पी से जनजातीय समुदाय में उच्च संवैधानिक संस्था के प्रति आस्था डगमगा रही है।
शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में केसर नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने पहले ही मंत्रिमंडल की बैठक में नौतोड़ बहाली के लिए एफसीए निलंबन विधेयक को मंजूरी देकर अंतिम मंजूरी के लिए राज्यपाल को भेजा था। उनके अनुसार, करीब पौने चार वर्ष बीत जाने के बावजूद इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने इसे जनजातीय समुदाय के अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बताया।
नेगी ने कहा कि राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी अब तक करीब 10 बार नौतोड़ के मुद्दे को लेकर राज्यपाल से मुलाकात कर चुके हैं। इन बैठकों में जनजातीय समुदाय के जनप्रतिनिधि, विधायक और जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्य भी शामिल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार किसी न किसी कारण से मामले को टाल दिया जाता है।
पहले भी दी गई थी एफसीए से छूट
केसर नेगी ने कहा कि वर्ष 2014 से 2016 और फिर 2016 से 2018 के दौरान हिमाचल प्रदेश में नौतोड़ प्रदान करने के लिए तत्कालीन राज्यपालों ने एफसीए प्रावधानों को दो-दो वर्ष के लिए निरस्त किया था। वर्ष 2019 में तत्कालीन जयराम ठाकुर सरकार के कार्यकाल में भी एक वर्ष के लिए यह व्यवस्था लागू की गई थी। उन्होंने कहा कि 2014-16 के दौरान नौतोड़ के आवेदनों पर तेजी से कार्रवाई हुई और सैकड़ों लोगों को भूमि के पट्टे भी प्रदान किए गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद नौतोड़ का मामला दोबारा ठंडे बस्ते में चला गया। नेगी ने कहा कि नौतोड़ के मुद्दे पर भाजपा लगातार राजनीति करती रही है और वर्तमान में भी राज्यपाल की ओर से इस मामले में दिखाई जा रही निष्क्रियता राजनीतिक दबाव का संकेत देती है।
भाजपा नेताओं पर लोकभवन को प्रभावित करने का आरोप
नेगी ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और जनजातीय क्षेत्रों के भाजपा नेताओं पर आरोप लगाया कि वे नौतोड़ विधेयक को लेकर लोकभवन को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि उच्च संवैधानिक संस्था से जुड़े किसी महत्वपूर्ण विधेयक को राजनीतिक विचारधारा के प्रभाव में लंबित रखा जाता है तो यह जनजातीय समुदाय के अधिकारों के साथ न्याय नहीं है।
तीनों जनजातीय क्षेत्रों में निकलेगी नौतोड़ अधिकार यात्रा
केसर नेगी ने कहा कि अब जनजातीय समुदाय के धैर्य की सीमा समाप्त होती जा रही है। कांग्रेस की ओर से राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के मार्गदर्शन में किन्नौर, लाहौल-स्पीति और पांगी-भरमौर में नौतोड़ अधिकार यात्रा शुरू की गई है। इस अभियान के तहत गांव-गांव जाकर लोगों को नौतोड़ के अधिकार के बारे में जागरूक किया जा रहा है। साथ ही राज्यपाल से जल्द निर्णय लेने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस माह के अंत तक तीनों जनजातीय क्षेत्रों में नौतोड़ अधिकार यात्रा पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधि शिमला पहुंचेंगे और लोकभवन के बाहर धरना देंगे। उन्होंने कहा कि राज्यपाल से एक बार फिर नौतोड़ के मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की जाएगी।