Friday, October 02, 2026
BREAKING
• पंजाब ने स्वैच्छिक रक्तदान में राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान हासिल किया • हरजोत सिंह बैंस ने ‘दैनिक भास्कर’ के स्टेट एडिटर की माता के निधन पर दुख जताया • सीमा पार से चल रहे तस्करी नेटवर्कों से जुड़े चार आरोपी 10 किलोग्राम हेरोइन और 10 पिस्तौल सहित गिरफ्तार • पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को जयंती पर दी भावभीनी श्रद्धांजलि • वंदे भारत कटरा-बनिहाल सेक्शन में 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक की भरेगी रफ्तार : अश्विनी वैष्णव • राष्ट्र और धर्म अलग नहीं, जब राष्ट्र कमजोर होता है तो धर्म पर खतरा आता है : मोहन भागवत • पीएम मोदी से फोन पर बात करते हुए भावुक हुए पायलट स्मित मच्छार, प्रधानमंत्री को बताया अपना सबसे बड़ा ‘आइडल’ • समुद्र में सागर कवच अभ्यास में 4,800 से अधिक कर्मियों ने दिखाई ताकत • भारत में विदेशी राजदूतों ने मनाई गांधीजी की 157वीं जयंती, कहा-सत्य और अहिंसा का संदेश आज भी प्रासंगिक • यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए पीएम मोदी के पास अच्छे सुझाव हैं : राष्ट्रपति पुतिन

बाज़ार

नई क्लोजिंग ऑक्शन सेशन में हेरफेर के कोई सबूत नहीं मिले, यह बाजार के लिए बड़ा सुधार: सेबी प्रमुख

12 अगस्त, 2026 04:59 PM

मुंबई : सेबी यानी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (एसईबीआई) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने बुधवार को कहा कि शेयर बाजारों में हाल ही में लागू किए गए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (सीएएस) में किसी प्रकार की हेरफेर या अनियमितता के प्रमाण नहीं मिले हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह भारतीय पूंजी बाजार की संरचना में किया गया एक महत्वपूर्ण सुधार है, जो देश के बाजारों को वैश्विक मानकों के और करीब लाता है।

मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पांडे ने कहा कि क्लोजिंग ऑक्शन सेशन भारतीय पूंजी बाजार की संरचना में किया गया एक महत्वपूर्ण सुधार है, जो भारतीय बाजारों को वैश्विक मानकों के और करीब ले जाता है।

उन्होंने कहा, "सीएएस बाजार की माइक्रोस्ट्रक्चर में एक बहुत बड़ा सुधार है और हम इसके पीछे मजबूती से खड़े हैं। दुनिया के कई प्रमुख बाजार पहले से इस व्यवस्था को अपना चुके हैं। जापान ने इसे 2024 में लागू किया, जबकि हांगकांग, अमेरिका, जर्मनी, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में भी यह प्रणाली मौजूद है।"

सेबी प्रमुख ने बताया कि क्लोजिंग प्राइस का उचित निर्धारण बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी के आधार पर विभिन्न शेयर सूचकांकों, पैसिव निवेश उत्पादों और म्यूचुअल फंडों की नेट एसेट वैल्यू (एनएवी) तय होती है।

उन्होंने कहा कि फिलहाल सबसे बड़ा फोकस इस नई व्यवस्था में बाजार सहभागिता बढ़ाने पर है। उनके अनुसार, अधिक से अधिक निवेशकों, ब्रोकरों और बाजार प्रतिभागियों को इस प्रणाली को समझने और इसमें भाग लेने की आवश्यकता है।

पांडे ने कहा, "कई ब्रोकरों ने संकेत दिए हैं कि भागीदारी बढ़ाने की जरूरत है। सीएएस एक पूरी तरह पारदर्शी बाजार व्यवस्था है, जहां कीमतों का निर्धारण खुली प्रक्रिया के जरिए होता है। इसमें हर गतिविधि दिखाई देती है और अंत में एक निष्पक्ष मूल्य सामने आता है।"

उन्होंने बताया कि सेबी लगातार विभिन्न हितधारकों से बातचीत कर रही है और सभी सुझावों तथा फीडबैक पर विचार किया जा रहा है। यदि भागीदारी बढ़ाने या प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के लिए किसी अतिरिक्त कदम की आवश्यकता होगी, तो उस पर भी विचार किया जाएगा।

गौरतलब है कि स्टॉक एक्सचेंजों ने पिछले सप्ताह क्लोजिंग ऑक्शन सेशन की शुरुआत की थी। इस नई व्यवस्था के तहत नियमित कारोबार के बाद 20 मिनट का विशेष सत्र आयोजित किया जाता है, जिसमें खरीद और बिक्री के ऑर्डर एकत्र किए जाते हैं।

इसके बाद उस स्तर पर क्लोजिंग प्राइस तय किया जाता है, जहां सबसे अधिक मात्रा में सौदों का मिलान संभव हो सके। इससे बाजार बंद होने के समय अधिक सटीक और निष्पक्ष मूल्य निर्धारण सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है।

नई प्रणाली ने पुरानी व्यवस्था की जगह ली है, जिसमें किसी शेयर का क्लोजिंग प्राइस नियमित कारोबार के अंतिम 30 मिनट में हुए सौदों के भारित औसत मूल्य (वेटेड एवरेज प्राइस) के आधार पर तय किया जाता था।

नियामकों और स्टॉक एक्सचेंजों का मानना है कि क्लोजिंग ऑक्शन सेशन से मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी, कुशल और निष्पक्ष बनेगी, विशेष रूप से बड़े संस्थागत निवेशकों के लिए, जिनके बड़े ऑर्डर अक्सर बाजार बंद होने के समय निष्पादित होते हैं।

तुहिन कांत पांडे ने दोहराया कि सेबी इस नई व्यवस्था की लगातार निगरानी कर रही है और फिलहाल ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है जिससे बाजार में हेरफेर की आशंका जाहिर हो। उन्होंने विश्वास जताया कि जैसे-जैसे अधिक निवेशक और ब्रोकर इस प्रणाली को समझेंगे और इसमें भागीदारी बढ़ेगी, यह भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण और सफल सुधार साबित होगी।

 

Have something to say? Post your comment

और बाज़ार खबरें

ओपनएआई ने एआई एजेंट से जुड़ी घटनाओं को लेकर 100 से अधिक संगठनों को किया अलर्ट

ओपनएआई ने एआई एजेंट से जुड़ी घटनाओं को लेकर 100 से अधिक संगठनों को किया अलर्ट

आरबीआई अगले हफ्ते होने वाली एमपीसी बैठक में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कर सकता है बढ़ोतरी : एसबीआई रिपोर्ट

आरबीआई अगले हफ्ते होने वाली एमपीसी बैठक में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कर सकता है बढ़ोतरी : एसबीआई रिपोर्ट

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

मजबूत मांग से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी, पीएमआई 55 के पार

मजबूत मांग से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी, पीएमआई 55 के पार

यूपीआई लेनदेन की संख्या सितंबर में 23 प्रतिशत बढ़ी, वैल्यू 29 लाख करोड़ रुपए के पार

यूपीआई लेनदेन की संख्या सितंबर में 23 प्रतिशत बढ़ी, वैल्यू 29 लाख करोड़ रुपए के पार

मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, ऑटो स्टॉक्स पर दबाव

मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, ऑटो स्टॉक्स पर दबाव

सरकार ने वाहन निर्माताओं के लिए कैफे-3 नियमों को अधिसूचित किया, ईवी इंसेंटिव को रखा बरकरार

सरकार ने वाहन निर्माताओं के लिए कैफे-3 नियमों को अधिसूचित किया, ईवी इंसेंटिव को रखा बरकरार

मेरठ शहर को उत्तर प्रदेश के खुर्जा और सहारनपुर से जोड़ने के लिए दो मेमू सेवा होगी आरंभ

मेरठ शहर को उत्तर प्रदेश के खुर्जा और सहारनपुर से जोड़ने के लिए दो मेमू सेवा होगी आरंभ

नई राष्ट्रीय स्टील नीति जल्द होगी सार्वजनिक, 2047 तक 600 मिलियन टन स्टील क्षमता का लक्ष्य

नई राष्ट्रीय स्टील नीति जल्द होगी सार्वजनिक, 2047 तक 600 मिलियन टन स्टील क्षमता का लक्ष्य

ऊंची बॉन्ड यील्ड और वैश्विक अनिश्चितताओं का असर, सोने-चांदी की कीमतों में 1% से अधिक गिरावट

ऊंची बॉन्ड यील्ड और वैश्विक अनिश्चितताओं का असर, सोने-चांदी की कीमतों में 1% से अधिक गिरावट