ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा है कि अमेरिका को ईरान के प्रति अपना लहजा और रवैया बदलना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि दबाव और धमकी की नीति से बातचीत और समाधान की प्रक्रिया और जटिल हो सकती है।
ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, उन्होंने कहा कि अमेरिका को ईरान के साथ अपने संबंधों में दबाव और धौंस के बजाय ऐसी नीति अपनानी चाहिए, जो बातचीत को आगे बढ़ाने में मदद करे।
ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका से ईरान के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि ये प्रतिबद्धताएं ईरान के वैध अधिकारों और अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुरूप होनी चाहिए।
पेजेशकियन उम्मीद जताई कि अमेरिका-ईरान शांति समझौते के ज्ञापन (MoU) में तय लक्ष्यों को दोनों पक्षों की इच्छाशक्ति और सहयोग जारी रहने से हासिल किया जा सकेगा।
18 जून को अमेरिका और ईरान ने एक MoU पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत दोनों देशों को अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए 60 दिनों के भीतर बातचीत करनी थी। यह समयसीमा 17 अगस्त को समाप्त हो गई। हालांकि, दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव के कारण बातचीत की आगे की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
पेजेशकियन का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाते हुए नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। अमेरिकी अधिकारियों ने करीब 60 व्यक्तियों, संस्थाओं और जहाजों को निशाना बनाने वाले नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। ईरान ने इन कदमों का विरोध करते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी दबाव के बावजूद तेहरान अपनी आर्थिक और राजनीतिक नीतियों पर कायम रहेगा।