पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलवे मार्ग पर लगातार ट्रायल होने से अब रेलगाड़ियों के संचालन होने की उम्मीद जगी है। जून माह के पहले सप्ताह से रेलगाड़ियों का संचालन शुरू हो सकता है। इस रेलमार्ग पर चक्की खड्ड पर निर्मित पुल वर्ष 2022 में ध्वस्त हो गया था तथा तब से लेकर रेलगाड़ियों का संचालन सुचारू नहीं हो पाया है। इस रेलमार्ग पर रेलगाड़ियां न चलने से पर्यटन राजस्व में गिरावट हुई है तो वहीं हिमाचल का कारोबार भी ठप होकर रह गया है।
हिमाचल के कारोबारी पठानकोट से सामान लाकर बेचते हैं, लेकिन रेलगाड़ियां बंद होने से सामान लाना मुश्किल हो रहा है। रेलवे स्टेशनों पर टी स्टाल चलाने वालों का कारोबार भी ठप पड़ा है। इस रेलमार्ग पर सात ट्रेनें पठानकोट से जोगिंद्रनगर को चलती थीं तथा सात ही ट्रेनें जोगिंद्रनगर से पठानकोट को चलती थीं जिनमें सफर सुहाना रहता था, लेकिन अब रेलगाड़ियों का चलना भी लोगों के लिए एक सपने के माफिक होकर रह गया है।
कांगड़ा-चंबा के सांसद डॉक्टर राजीव भारद्वाज ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के समक्ष यह मुद्दा लगातार उठाया है। इसके बाद मंत्री ने जम्मू स्थित अधिकारियों को जून की शुरुआत में पांच ट्रेनें बहाल करने के निर्देश दिए हैं।