नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को 2024-25 वर्ष के लिए पूर्णकालिक बजट पेश किया। इस बार अपने पिटारे से उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने के मकसद से सरकार की प्रमुख परियोजना खेलो इंडिया को 900 करोड़ रुपए आबंटित करने का ऐलान किया है। सरकार की कोशिश है कि खेलों को जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा मिल सके। खेल मंत्रालय के लिए केंद्रीय बजट में सबसे अधिक राशि आबंटित हुई है। वित्त मंत्री ने पेश केंद्रीय बजट में खेल मंत्रालय के लिए 3,442.32 करोड़ रुपए में से खेलो इंडिया के लिए 900 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं। यह रकम पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान 880 करोड़ रुपए के संशोधित आबंटन से 20 करोड़ रुपये अधिक है।
इस साल अगस्त में पेरिस ओलंपिक चक्र समाप्त होने वाला है और राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों अभी भी दो साल का समय है। ऐसे में खेल मंत्रालय के बजट में पिछले चक्र की तुलना में केवल 45.36 करोड़ रुपए की मामूली वृद्धि की गई है। खेल मंत्रालय के लिए पिछले वित्तीय वर्ष के लिए पिछले चक्र का बजट 3,396.96 करोड़ रुपए था। सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में खेलो इंडिया में भारी निवेश किया है, क्योंकि यह कार्यक्रम देश के सभी हिस्सों से प्रतिभाओं को सामने लाने का काम करता है।
एनएसएफ को भी लाभ
राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) को भी सरकार की सहायता में 15 करोड़ रुपए की वृद्धि की गई है। यह 2023-24 में 325 करोड़ रुपए से बढक़र नवीनतम बजट में 340 करोड़ रुपए हो गया है। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) का बजट भी 795.77 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 822.60 करोड़ रुपए कर दिया गया है। इसमें 26.83 करोड़ रुपए का उछाल है। साई देश भर में अपने स्टेडियमों के रख रखाव अलावा वैश्विक खेल प्रतियोगिताओं के लिए खिलाडिय़ों को तैयार करने के लिए टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (टॉप्स) का प्रबंधन भी करता है।
खेलो इंडिया को सबसे ज्यादा फायदा
खेल मंत्रालय के बजट में से खेलो इंडिया के लिए 900 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं। यह रकम पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान 880 करोड़ रुपए के संशोधित आबंटन से 20 करोड़ रुपए अधिक है। सरकार ने पिछले कुछ सालों में खेलो इंडिया में भारी निवेश किया है, क्योंकि यह कार्यक्रम देश के सभी हिस्सों से प्रतिभाओं को सामने लाने का काम करता है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में खेलो इंडिया का वास्तविक आबंटन 596.39 करोड़ रुपए था। अगले साल (2023-24) के बजट में लगभग 400 करोड़ रुपए से अधिक बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपए कर दिया गया था। इसे हालांकि संशोधित कर 880 करोड़ रुपए किया गया था। खेलो इंडिया युवा खेलों 2018 (केआईवाईजी) की शुरुआत के बाद से सरकार ने इसमें और खेल आयोजनों को जोडऩा जारी रखा है। मंत्रालय ने उसी वर्ष खेलो इंडिया शीतकालीन खेल और 2023 में खेलो इंडिया पैरा खेलों शुरू करने के साथ 2020 में खेलो इंडिया विश्वविद्यालय खेलों की शुरुआत की। देश भर में सैकड़ों खेलो इंडिया राज्य उत्कृष्टता केंद्र (केआईएससीई) स्थापित किए गए हैं, जिनका उद्देश्य प्रतिभाशाली उदीयमान खिलाडिय़ों को सुविधाएं प्रदान करना है। खेलो इंडिया के कई एथलीट वर्तमान में भारतीय ओलंपिक दल में शामिल हैं।
नाडा के बजट में मामूली वृद्धि
राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) और राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला (एनडीटीएल) को बजट में मामूली वृद्धि मिली है। नाडा और एनडीटीएल का काम खिलाडिय़ों की डोपिंग जांच करना है। नाडा के बजट को 21.73 करोड़ से बढ़ाकर 22.30 करोड़ रुपए कर दिया गया है, जबकि एनडीटीएल के बजट को 19.50 करोड़ से बढ़ाकर 22 करोड़ कर दिया गया है।