नई दिल्ली: जय शाह को निर्विरोध आईसीसी का नया चेयरमैन नियुक्त कर दिया गया है। न्यूजीलैंड के ग्रेग बार्कले ने पहले ही तीसरे कार्यकाल में जाने से मना कर दिया था, ऐसे में भारत के जय शाह महज 35 साल की उम्र में इतिहास के सबसे युवा आईसीसी चेयरमैन बन गए हैं। जय शाह ने बहुत कम समय में इतना ऊंचा मुकाम हासिल कर लिया है। जय शाह आईसीसी चेयरमैन बनने वाले पांचवें भारतीय हैं। आईसीसी में जय शाह का कार्यकाल पहली दिसंबर से शुरू होगा। उनसे पहले भारत के चार लोग चेयरमैन पद पर विराजमान रह चुके हैं, जिनके नाम जगमोहन डालमिया, शरद पवार, एन श्रीनिवासन और शशांक मनोहर हैं। जय शाह बहुत छोटी उम्र से ही क्रिकेट प्रशासन से जुड़ गए थे।
2009 में उनकी उम्र मात्र 21 साल हुआ करती थी, जब वह सेंट्रल बोर्ड ऑफ क्रिकेट (अहमदाबाद) में कार्यकारी बोर्ड के सदस्य बने थे। धीरे-धीरे उनका क्रिकेट प्रशासन में रुतबा बढ़ा और चार साल बाद ही यानी 2013 में उन्होंने गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन में संयुक्त सचिव का पद संभाला। उस समय जय के पिता अमित शाह जीसीए के अध्यक्ष हुआ करते थे। जीसीए के संयुक्त सचिव पद पर रहते जय शाह ने निर्माण कार्यों की देखभाल की, जिनमें नरेंद्र मोदी स्टेडियम का पुनर्निर्माण भी शामिल रहा।
साल 2015 में बीसीसीआई में एंट्री
साल 2015 में जय शाह, बीसीसीआई में फाइनांस एंड मार्केटिंग समिति के सदस्य बने और इस दौरान वह कई सालों तक जीसीए के संयुक्त सचिव भी बने रहे। आखिरकार उन्होंने 2019 में संयुक्त सचिव पद से इस्तीफा दिया और इस्तीफे के एक महीने बाद ही उन्हें इतिहास में बीसीसीआई का सबसे युवा सचिव चुन लिया गया। 2022 में कार्यकाल खत्म होने के बाद दोबारा उनका सचिव के तौर पर चयन हुआ और उनका मौजूदा कार्यकाल 2025 में समाप्त होगा।
एशियाई क्रिकेट काउंसिल का भी संभाला भार
बीसीसीआई के सचिव पद पर रहते हुए जय शाह ने 2021 में एशियाई क्रिकेट काउंसिल के प्रेजिडेंट होने का भार भी संभाला। हालांकि 2024 की शुरुआत में शाह का कार्यकाल समाप्त हुआ और एसीसी का अगला अध्यक्ष श्रीलंका से चुना जाना था, लेकिन श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष ने जय शाह के कार्यकाल को जारी रखने के समर्थन में अपना वोट दिया था।