लाल आकार वाला दिल जिसके बीच में दरार पड़ी हो, तो कहा जाता है ब्रोकन हार्ट। ब्रेकअप हो जाए, किसी से लड़ाई हो जाए या फिर किसी खास की मौत का सदमा लगने पर हम अक्सर कहते हैं कि दिल टूट गया। दिल टूटना कहा जरूर जाता है लेकिन असल में दिल टूटता नहीं है धड़कता रहता है और उसका आकार भी तस्वीर जैसा नहीं होता। आजतक हम सुनते आए हैं कि हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट होने से इंसान की मौत हो गई लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिल टूटने से भी इंसान मर सकता है। ऐसा हम नहीं लंदन बेस्ड कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर जेरेमी का कहना है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर की है, जिसमें वह ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम के बारे में बता रहे हैं। चलिए आपको इसके बारे में पूरी जानकारी देते हैं।
क्या होता है ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम
क्या होता है ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम
ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम सिर्फ इमोशनल एहसास नहीं, बल्कि कभी-कभी गंभीर हृदय संबंधी स्थिति कही जाती है। इसमें किसी तरह का दुख, बुरी घटना, किसी के खोने का डर आपके दिल को भावनात्मक तौर पर इतना कमजोर कर देता है कि स्ट्रेस कंट्रोल में नहीं रहता। रिसर्च के मुताबिक, शरीर में एड्रेनालिन और दूसरे स्ट्रेस हार्मोन तेजी से बढ़ जाते हैं। यह हार्मोनल सर्ज कुछ लोगों में दिल की मांसपेशियों की कार्यक्षमता को कुछ समय के लिए प्रभावित करते हैं और उससे जान जाने का खतरा रहता है। इसे मेडिकल भाषा में Takotsubo cardiomyopathy कहा जाता है।
क्या सिर्फ ब्रेकअप से हो सकती है मौत
सिर्फ ब्रेकअप से ही दिल नहीं टूटता। दिल टूटने का मतलब हुआ किसी तरह का सदमा जो दिल बर्दाश्त न कर पाए और ऐसे में इंसान का दिल, दिमाग और शरीर पर असर पड़ जाए। इसके पीछे कई कारण जैसे किसी करीबी की मृत्यु, ब्रेकअप या तलाक, धोखा या भावनात्मक सदमा, अचानक बहुत डर या तनाव, कोई बड़ा हादसा, गंभीर शारीरिक बीमारी या सर्जरी हो सकती है।
ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम और हार्ट अटैक के बीच अंतर
ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम और हार्ट अटैक के लक्षण कई बार एक जैसे दिखाई दे सकते हैं, लेकिन दोनों की वजह अलग होती है। ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम आमतौर पर अचानक हुए इमोशनल या फिजिकल स्ट्रेस के बाद होता है, जिसमें दिल की मांसपेशी कुछ समय के लिए कमजोर पड़ जाती है। ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम में आमतौर पर आर्टरी में ब्लॉकेज नहीं मिलता, तो वहीं हार्ट अटैक में आमतौर पर कोरोनरी आर्टरी में ब्लॉकेज के कारण दिल की मांसपेशी तक खून और ऑक्सीजन की सप्लाई सही तरीके से नहीं पहुंचती है।
कैसे लगाएं ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम का पता
कई बार ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम में सीने में दर्द, सांस फूलना, तेज धड़कन होती है, जिन्हें सिर्फ स्ट्रेस समझकर नजरअंदाज न करें। इसका पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट, ECG, ईको, कोरोनरी एंजियोग्राफी जैसे टेस्ट किए जाते हैं। इससे पता लगा सकते हैं कि ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम है या फिर हार्ट अटैक।