घरेलू शेयर बाजार बुधवार को लगभग सपाट खुले। मध्य-पूर्व में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें करीब 92 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं, जबकि वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 17.41 अंक यानी 0.02 प्रतिशत गिरकर 77,218.05 पर रहा। वहीं निफ्टी 2.85 अंक यानी 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 24,152.05 पर खुला।
क्षेत्रवार कारोबार में निफ्टी आईटी 0.82 प्रतिशत बढ़कर सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स रहा। निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम में 0.59 प्रतिशत की तेजी रही। रियल्टी और रियल एस्टेट से जुड़े इंडेक्स भी मामूली बढ़त में रहे।
दूसरी ओर, निफ्टी मेटल 0.35 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो 0.14 प्रतिशत नीचे रहा। हेल्थकेयर, फार्मा और केमिकल्स सूचकांकों में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक स्तर पर ऊंची बॉन्ड यील्ड बाजार पर दबाव बना रही हैं। मध्य-पूर्व संघर्ष को लेकर अनिश्चितता से तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे महंगाई बढ़ने की चिंता और मजबूत हुई है। अमेरिका में 30-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 2007 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।
हालांकि, भारत की मजबूत घरेलू आर्थिक बुनियाद, वित्त वर्ष 2026-27 में जीडीपी और कॉरपोरेट आय में सुधार की उम्मीद तथा घरेलू बाजार में पर्याप्त तरलता ने बाजार को सहारा दिया है।
इस बीच, एशियाई बाजार भी कमजोर रहे। ईरान के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद रखने के रुख और अमेरिका द्वारा युद्धविराम बढ़ाने से इनकार के बाद ब्रेंट क्रूड करीब 92 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।