जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का दबदबा जारी है। गुरुवार को टीम ने चीनी ताइपे को 37-21 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया।ग्रुप स्टेज में क्लीन स्वीपडिफेंडिंग चैंपियन भारत ने अपने ग्रुप स्टेज अभियान का समापन चार मैचों में चार जीत के साथ किया। ग्रुप ए के अंतिम मैच में चीनी ताइपे के खिलाफ पहले हाफ में ही भारत ने 17-7 की बढ़त बना ली और हाफ 23-11 पर समाप्त किया। अर्जुन देशवाल का प्रदर्शन खासतौर पर शानदार रहा। दूसरे हाफ में भी दबदबा कायम रखते हुए टीम ने 37-21 से मैच जीत लिया। अब भारत अपने खिताब का बचाव करने से बस एक जीत दूर है।
पिछले मैचों में भी रहा दबदबा
बुधवार को भारत ने बांग्लादेश को 48-25 से हराया था। अभियान की शुरुआत में मेजबान जापान को 49-24 और दक्षिण कोरिया को 63-31 से बुरी तरह पराजित किया गया था।
कबड्डी में भारत का शानदार रिकॉर्ड
1990 में एशियन गेम्स में पुरुष कबड्डी की शुरुआत के बाद से भारत ने नौ में से आठ संस्करणों में स्वर्ण पदक जीता है। सिर्फ 2018 के ऑस्ट्रेलिया संस्करण में कांस्य मिला था। 2022 हांग्जो एशियन गेम्स में भारत ने ईरान को 33-29 से हराकर स्वर्ण हासिल किया था।
अन्य उपलब्धियां:
रोशिबिना को सिल्वर, रोइंग में ब्रॉन्जइसी दिन महिलाओं की सांडा 60 किग्रा फाइनल में रोशिबिना देवी ने चीन की झांग शियाओयू से हारकर लगातार दूसरा रजत पदक जीता। वे एशियन गेम्स में वुशु में लगातार तीन मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं। पुरुषों की डबल स्कल्स में सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी ने कांस्य पदक अपने नाम किया। उन्होंने 6:13.25 का समय लिया। पुरुषों के सिंगल स्कल्स में बलराज पंवार चौथे स्थान पर रहे। इन परिणामों के साथ भारत का मेडल टैली 14 पर पहुंच गया है—एक गोल्ड, छह सिल्वर और सात ब्रॉन्ज।