Friday, October 02, 2026
BREAKING
• वंदे भारत कटरा-बनिहाल सेक्शन में 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक की भरेगी रफ्तार : अश्विनी वैष्णव • राष्ट्र और धर्म अलग नहीं, जब राष्ट्र कमजोर होता है तो धर्म पर खतरा आता है : मोहन भागवत • पीएम मोदी से फोन पर बात करते हुए भावुक हुए पायलट स्मित मच्छार, प्रधानमंत्री को बताया अपना सबसे बड़ा ‘आइडल’ • समुद्र में सागर कवच अभ्यास में 4,800 से अधिक कर्मियों ने दिखाई ताकत • भारत में विदेशी राजदूतों ने मनाई गांधीजी की 157वीं जयंती, कहा-सत्य और अहिंसा का संदेश आज भी प्रासंगिक • यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए पीएम मोदी के पास अच्छे सुझाव हैं : राष्ट्रपति पुतिन • बसपा से बाहर किए जाने के बीच आकाश आनंद ने मायावती को लिखा पोस्ट; बोले-किसी दल में नहीं जाऊंगा, बसपा ही मेरा परिवार • चुनाव आयोग ने राज्यों में मतदाता सूची से छूटे हुए लोगों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के दिए निर्देश • गांधी जयंती पर राष्ट्रपति मुर्मु एवं उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने पुष्पांजलि अर्पित की, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर को किया नमन • जापान मेरे लिए लकी है, मुझे जन्मदिन पर खुद को गिफ्ट देना था: लवलीना बोरगोहेन

बाज़ार

एआई से प्रभावित क्षेत्रों में युवा रोजगार में भारी गिरावट, जनरेटिव एआई के आने के बाद रोजगार पर बढ़ा दबाव: बीओके

18 अगस्त, 2026 12:06 PM

सोल : सेंट्रल बैंक की मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेजी से बढ़ते उपयोग का असर रोजगार बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। जनरेटिव एआई तकनीकों, विशेषकर चैटजीपीटी जैसे चैटबॉट्स के आने के बाद एआई से अधिक प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं के रोजगार में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।

बैंक ऑफ कोरिया (बीओके) द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2022 से जून 2026 के बीच 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के लोगों द्वारा किए जा रहे कुल रोजगारों की संख्या में 2.85 लाख की कमी आई, जिसमें सबसे बड़ी गिरावट उन क्षेत्रों में देखी गई जो एआई के प्रभाव के प्रति अधिक संवेदनशील माने जाते हैं।

योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल घटे रोजगारों में से 2.68 लाख नौकरियां, यानी लगभग 94 प्रतिशत, एआई-प्रभावित क्षेत्रों से संबंधित थीं, जिनमें आईटी सेवाएं, प्रकाशन, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और प्रोफेशनल सर्विसेज जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं।

इसके विपरीत, 50 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों के रोजगार में वृद्धि दर्ज की गई। इसी अवधि में इस आयु वर्ग के रोजगार में 2.30 लाख की बढ़ोतरी हुई, जिसमें से 1.73 लाख नौकरियां एआई प्रभावित क्षेत्रों में ही बढ़ीं। इससे संकेत मिलता है कि एआई के दौर में अनुभव और विशेषज्ञता वाले कर्मचारियों की मांग अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है।

रिपोर्ट ने वर्ष 2022 को अध्ययन का आधार वर्ष माना है, क्योंकि इसी वर्ष के अंत में चैटजीपीटी लॉन्च हुआ था और उसके बाद जनरेटिव एआई तकनीकों का उपयोग दुनिया भर में तेजी से बढ़ा।

क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक गिरावट आईटी सेवाओं में देखी गई, जहां युवाओं का रोजगार 31.4 प्रतिशत घट गया। प्रकाशन क्षेत्र, जिसमें सॉफ्टवेयर और वेब डिजाइन से जुड़े पेशे भी शामिल हैं, वहां रोजगार में 27.4 प्रतिशत की कमी आई।

इसी प्रकार, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग क्षेत्र में युवाओं का रोजगार 16.6 प्रतिशत और प्रोफेशनल सर्विसेज क्षेत्र में 11.6 प्रतिशत घटा। ये वे क्षेत्र हैं जहां एआई-आधारित ऑटोमेशन और कंटेंट जनरेशन टूल्स का उपयोग तेजी से बढ़ा है।

शिक्षा के आधार पर बेरोजगारी के आंकड़े भी युवाओं की चुनौतियों को उजागर करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2019 से 2022 के बीच स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्रीधारकों की औसत बेरोजगारी दर 8.2 प्रतिशत थी, जबकि माध्यमिक शिक्षा या जूनियर कॉलेज स्तर तक पढ़े युवाओं की बेरोजगारी दर 8 प्रतिशत थी।

लेकिन 2022 के बाद यह अंतर बढ़ गया। उच्च शिक्षित युवाओं की बेरोजगारी दर 7 प्रतिशत रही, जबकि कम शैक्षणिक योग्यता वाले युवाओं में यह 5.4 प्रतिशत रही। इस प्रकार दोनों के बीच अंतर बढ़कर 1.6 प्रतिशत अंक हो गया।

बैंक ऑफ कोरिया ने कहा कि देश की लगातार घटती जनसंख्या भी युवाओं के रोजगार में बदलाव का एक महत्वपूर्ण कारण हो सकती है। हालांकि एआई के आगमन ने इस प्रवृत्ति को और तेज कर दिया है।

बीओके के शोध विभाग के शोधकर्ता ओह सैम-इल ने कहा, "एआई युवा कर्मचारियों की उत्पादकता को काफी बढ़ा सकता है। लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि इन्हें एआई द्वारा प्रतिस्थापित भी किया जा सकता है।"

उन्होंने कहा कि युवाओं की नौकरियों में कमी के लिए पूरी तरह एआई को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन यह निश्चित रूप से उस प्रवृत्ति को तेज कर रहा है जिसमें युवाओं के लिए पारंपरिक करियर सीढ़ी धीरे-धीरे कमजोर होती जा रही है।

 

Have something to say? Post your comment

और बाज़ार खबरें

ओपनएआई ने एआई एजेंट से जुड़ी घटनाओं को लेकर 100 से अधिक संगठनों को किया अलर्ट

ओपनएआई ने एआई एजेंट से जुड़ी घटनाओं को लेकर 100 से अधिक संगठनों को किया अलर्ट

आरबीआई अगले हफ्ते होने वाली एमपीसी बैठक में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कर सकता है बढ़ोतरी : एसबीआई रिपोर्ट

आरबीआई अगले हफ्ते होने वाली एमपीसी बैठक में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कर सकता है बढ़ोतरी : एसबीआई रिपोर्ट

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

मजबूत मांग से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी, पीएमआई 55 के पार

मजबूत मांग से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी, पीएमआई 55 के पार

यूपीआई लेनदेन की संख्या सितंबर में 23 प्रतिशत बढ़ी, वैल्यू 29 लाख करोड़ रुपए के पार

यूपीआई लेनदेन की संख्या सितंबर में 23 प्रतिशत बढ़ी, वैल्यू 29 लाख करोड़ रुपए के पार

मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, ऑटो स्टॉक्स पर दबाव

मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, ऑटो स्टॉक्स पर दबाव

सरकार ने वाहन निर्माताओं के लिए कैफे-3 नियमों को अधिसूचित किया, ईवी इंसेंटिव को रखा बरकरार

सरकार ने वाहन निर्माताओं के लिए कैफे-3 नियमों को अधिसूचित किया, ईवी इंसेंटिव को रखा बरकरार

मेरठ शहर को उत्तर प्रदेश के खुर्जा और सहारनपुर से जोड़ने के लिए दो मेमू सेवा होगी आरंभ

मेरठ शहर को उत्तर प्रदेश के खुर्जा और सहारनपुर से जोड़ने के लिए दो मेमू सेवा होगी आरंभ

नई राष्ट्रीय स्टील नीति जल्द होगी सार्वजनिक, 2047 तक 600 मिलियन टन स्टील क्षमता का लक्ष्य

नई राष्ट्रीय स्टील नीति जल्द होगी सार्वजनिक, 2047 तक 600 मिलियन टन स्टील क्षमता का लक्ष्य

ऊंची बॉन्ड यील्ड और वैश्विक अनिश्चितताओं का असर, सोने-चांदी की कीमतों में 1% से अधिक गिरावट

ऊंची बॉन्ड यील्ड और वैश्विक अनिश्चितताओं का असर, सोने-चांदी की कीमतों में 1% से अधिक गिरावट