चंडीगढ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वीडन में आयोजित इंडिया-स्वीडन इनोवेशन डे 2026 कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस महत्वपूर्ण आयोजन में मुख्यमंत्री ने भारत और स्वीडन के बीच नवाचार, व्यापार तथा औद्योगिक सहयोग को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इंडो-स्वीडन इनोवेशन डे पर आप सभी के बीच उपस्थित होना मेरे लिए सम्मान और प्रसन्नता का विषय है। आज का यह आयोजन इंडिया-स्वीडन 2035 प्रतिस्पर्धी भविष्य के लिए नवाचार के साझा संकल्प को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने हरियाणा को इस वर्ष कार्यक्रम में राज्य भागीदार बनाने के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि मई 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीडन के साथ भारत के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया है। यह कदम दोनों देशों के बीच सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला है। उन्होंने व्यापार आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत-स्वीडन व्यापार वर्ष 2016 के 2.86 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर वर्ष 2025 में 7.75 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है, जो द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा में स्वीडिश कंपनियों द्वारा किए जा रहे निवेशों का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरुग्राम में स्वीडिश कंपनी आइकिया की 3500 करोड़ रुपये की एकीकृत परियोजना हरियाणा पर उनके भरोसे का स्पष्ट उदाहरण है। इसी प्रकार, झज्जर की मेट सिटी में स्वीडन की कंपनी अपनी कार्ल गुस्ताफ विनिर्माण संयंत्र स्थापित कर रही है। फरीदाबाद में स्वीडिश-स्विस समूह एबीबी की वर्ष 1951 से संचालित विनिर्माण इकाई आधुनिक इलेक्ट्रिक मोटरों का प्रमुख उत्पादक केंद्र बन चुकी है। इसके अलावा, स्वीडिश शिक्षा संस्था कुनस्काप्सकोलन का पहला भारतीय विद्यालय वर्ष 2013 में गुरुग्राम में खोला गया था।
सैनी ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेड विद स्वीडन’ के हमारे साझा प्रयासों को दर्शाती हैं। उन्होंने सभी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों को हरियाणा में होने वाले ‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2027’ के लिए आमंत्रित किया। साथ ही, हरियाणा की पावन धरा कुरुक्षेत्र पर आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में पधारने का सादर निमंत्रण भी दिया।
इस अवसर पर स्वीडन के मंत्री बेंजामिन दौसा, कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल और भारतीय राजदूत अनुराग भूषण भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री के संबोधन से भारत और स्वीडन के बीच नवाचार, शिक्षा, विनिर्माण तथा निवेश के क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है। हरियाणा सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने और वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।