अमेरिका के डेमोक्रेटिक सीनेटरों ने ट्रंप प्रशासन पर आरोप लगाया है कि उसकी ईरान नीति देश को मध्य पूर्व में एक और लंबे, महंगे और अनिश्चित युद्ध की ओर ले जा रही है। सीनेट की रक्षा उपसमिति में 1.5 ट्रिलियन डॉलर के प्रस्तावित रक्षा बजट पर हुई सुनवाई के दौरान डेमोक्रेट नेताओं ने प्रशासन की रणनीति पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इराक और अफगानिस्तान युद्धों की याद दिलाते हुए कहा कि बिना स्पष्ट एग्जिट प्लान के सैन्य अभियान खतरनाक साबित हो सकते हैं।
प्रमुख चिंताएं जो डेमोक्रेट्स ने जताईं…
रणनीतिक असफलता: सीनेटर क्रिस कून्स ने कहा कि प्रशासन छोटी-मोटी सैन्य सफलताओं पर ध्यान दे रहा है, लेकिन कोई व्यापक राजनीतिक रणनीति नहीं दिख रही। उन्होंने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से सवाल किया कि होर्मुज स्ट्रेट अभी तक पूरी तरह सुरक्षित क्यों नहीं हो सका, जिसकी वजह से वैश्विक तेल कीमतें बढ़ रही हैं।
ईरान की सहनशक्ति: सीनेटर क्रिस्टोफर मर्फी ने चेतावनी दी कि ईरान लंबे समय तक आर्थिक और सैन्य दबाव झेलने में सक्षम है, लेकिन अमेरिकी परिवारों को बढ़ती ईंधन कीमतों की भारी मार पड़ रही है। उन्होंने कहा, “समय हमारे पक्ष में नहीं है।”
बजट पर सवाल: सीनेटर पैटी मरे ने रक्षा बजट में भारी बढ़ोतरी की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार घरेलू जरूरतों की बजाय युद्ध पर टैक्सपेयर्स का पैसा खर्च कर रही है।
कानूनी अधिकार: डेमोक्रेट्स ने पूछा कि ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान के लिए क्या कांग्रेस की मंजूरी ली गई है।
पेंटागन के अनुसार, अब तक ईरान संबंधी अभियानों पर करीब 29 अरब डॉलर खर्च हो चुके हैं, जो और बढ़ सकता है। प्रशासन का बचावरक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने जवाब देते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर पहले से कहीं ज्यादा दबाव बनाया है। उन्होंने दावा किया कि यह अभियान ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए जरूरी है।
यह बहस उस वक्त हो रही है जब अमेरिका पहले से ही चीन, रूस और यूक्रेन मोर्चे पर कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। डेमोक्रेटिक नेताओं का मानना है कि मध्य पूर्व में टकराव अगर बढ़ा तो अमेरिका को रणनीतिक रूप से भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।